UP Gold News: महंगा सोना फिर भी रिकॉर्ड डिमांड — यूपी में हर साल 100 टन तक खपत जारी
आयात शुल्क बढ़ने के बावजूद उत्तर प्रदेश में सोने की मांग पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
गहनों से लेकर गोल्ड ETF और Digital Gold तक निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
प्रदेश में हर साल करीब 100 टन सोने की मांग बनी रहती है।
📌 क्यों नहीं घट रही सोने की मांग?
सराफा कारोबारियों के अनुसार यूपी में शादी-ब्याह, ग्रामीण बचत और निवेश की मजबूत परंपरा के कारण सोने की खरीद लगातार जारी रहती है।
प्रदेश में हर साल करीब 100 टन सोना खपत में शामिल रहता है।
🏙️ यूपी के बड़े सराफा बाजार
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया के अनुसार यूपी देश की कुल सोना खपत में लगभग 15% हिस्सेदारी रखता है।
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, आगरा, मथुरा, नोएडा और गोरखपुर प्रमुख सराफा बाजार हैं।
📊 आयात शुल्क और गोल्ड ट्रेंड
2011 में भारत ने लगभग 969 टन सोना आयात किया था, उस समय शुल्क लगभग 2% था।
इसके बाद 2012-13 में यह बढ़कर 10% हुआ, 2019 में 12.5%, और 2022 में करीब 15% तक पहुंच गया।
2024 में शुल्क घटाकर 6% किया गया, जिससे आयात फिर बढ़ा और 2025 में गोल्ड आयात 58.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
💍 बदलता गोल्ड ट्रेंड
अब लोग भारी गहनों की जगह हल्के डिजाइन, 18 कैरेट ज्वैलरी और पुराने गहनों के एक्सचेंज मॉडल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
इससे बाजार में मांग लगातार बनी हुई है।
📈 डिजिटल गोल्ड और ETF में उछाल
वरिष्ठ निवेश सलाहकार के अनुसार, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
देश में 1.24 करोड़ से ज्यादा निवेशक गोल्ड ETF में हैं, जिनमें 20 लाख से अधिक यूपी से हैं।
2025 में गोल्ड ETF में करीब 43,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जिसमें यूपी की हिस्सेदारी लगभग 6200 करोड़ रुपये रही।
📢 विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
वरिष्ठ कर सलाहकारों के अनुसार सोना भारत में सिर्फ गहना नहीं बल्कि सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
इसी कारण आयात शुल्क बढ़ने के बाद भी इसकी मांग पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
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