ट्रंप का सब्र टूटा! ईरान के रवैये से भड़का अमेरिका, फिर हो सकता है बड़ा सैन्य हमला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।
परमाणु वार्ता में लगातार जारी गतिरोध और ईरान की ओर से आए प्रस्तावों से नाराज ट्रंप प्रशासन अब दोबारा
सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,
व्हाइट हाउस में इस मुद्दे पर हाई लेवल बैठकें लगातार जारी हैं।
ईरान के प्रस्ताव से क्यों नाराज हैं ट्रंप?
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता लंबे समय से ठप पड़ी हुई है।
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि तेहरान बातचीत को गंभीरता से नहीं ले रहा।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप इस बात से भी नाराज हैं कि ईरान अब भी रणनीतिक रूप से बेहद अहम
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बनाए हुए है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या
ईरान वास्तव में कोई समझौता चाहता है या सिर्फ समय निकालने की रणनीति अपना रहा है।
ट्रंप प्रशासन में बढ़ा मतभेद
व्हाइट हाउस और पेंटागन के भीतर आगे की रणनीति को लेकर मतभेद भी सामने आने लगे हैं।
कुछ अधिकारी ईरान पर ज्यादा दबाव बनाने और सीमित सैन्य हमले के पक्ष में हैं।
उनका मानना है कि इससे तेहरान को कमजोर किया जा सकता है।
हालांकि प्रशासन का दूसरा धड़ा अब भी कूटनीतिक बातचीत को मौका देने की बात कर रहा है।
उनका कहना है कि सैन्य कार्रवाई से पूरे पश्चिम एशिया में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं।
ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- “ईरान लाइफ सपोर्ट पर है”
सोमवार को ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को लेकर
खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा,
“उन्होंने जो कचरा हमें भेजा, उसे मैंने पूरा पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा। ईरान इस समय लाइफ सपोर्ट पर है।”
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित हमले की अटकलें और तेज हो गई हैं।
क्या फिर होगा अमेरिका-ईरान संघर्ष?
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें
ईरान के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। हालांकि फिलहाल कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया है,
लेकिन अमेरिकी सेना के विकल्पों पर विचार जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर
पूरे वैश्विक तेल बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक है।
दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल सप्लाई पर निर्भर करता है।
ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।
https://www.bbc.com/hindi/articles/c5y72y60z61o


