औद्योगिक गलियारे के विरोध में किसानों की हुंकार, भीषण गर्मी में निकली पदयात्रा किसान नेता डॉ. रवि नागर बोले- “किसानों के अधिकारों से समझौता नहीं”, ग्रामीणों में बढ़ रही जागरूकता
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर आंवला क्षेत्र में किसानों का विरोध लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को किसान एकता संघ के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के बीच पदयात्रा निकालकर किसानों के अधिकारों और उचित मुआवजे की मांग उठाई।
पदयात्रा का नेतृत्व किसान नेता डॉ. रवि नागर ने किया, जिन्होंने सरकार से किसानों के हितों की अनदेखी न करने की अपील की।
पदयात्रा भरताना गांव से शुरू होकर भीकमपुर होते हुए मकरंदपुर ताराचंद तक पहुंची, जहां शाम करीब 3:30 बजे इसका समापन हुआ। पूरे मार्ग में ग्रामीणों और किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों से जुड़े नारे लगाए और लोगों को भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।
किसान नेता डॉ. रवि नागर ने कहा कि औद्योगिक विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन प्रस्तावित मुआवजा किसानों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति और हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मैं पेशे से चिकित्सक जरूर हूं, लेकिन एक किसान परिवार से आता हूं। किसानों के साथ अन्याय हुआ तो संघर्ष जारी रहेगा। किसान एकता संघ किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगा।”
पदयात्रा के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, मुआवजे और किसानों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। साथ ही आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
डॉ. रवि नागर ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से 15 मई को भी एक और पदयात्रा निकाली जाएगी, जो हजरतपुर से दोपहर 12 बजे शुरू होगी। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों से इसमें शामिल होने की अपील की।
पदयात्रा में किसान एकता संघ युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजेश शर्मा, बहुरन लाल गुर्जर, ओम प्रकाश शर्मा ‘पप्पू प्रधान’, देवेंद्र सिंह, अनुभव शर्मा, वीरपाल, प्रेमनाथ, इसहाक अली, नाथू सिंह, रामौतार, मंगल सिंह, राजेंद्र सिंह, रामबाबू सक्सेना, दाताराम सिंह, उपदेश शर्मा, नेपाल, अमर सिंह, नत्थू लाल पाल, बागेश यादव प्रधान, कल्याण मौर्य, जोगराज पाल, रामेश्वर दयाल, अचूराम शर्मा, दीपक शर्मा, वीरेश भगत, घनश्याम गुर्जर, राजेंद्र खलीफा, श्रीराम गौतम और धनपाल मौर्य समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



