BREAKING: डॉलर के सामने बेदम हुआ रुपया, 40 पैसे की भारी गिरावट के साथ पहली बार ₹96.93 के ऐतिहासिक ऑल-टाइम लो पर पहुंचा
अज़हर मलिक
वैश्विक बाजारों से आ रहे जबरदस्त दबाव के बीच भारतीय करेंसी रुपये में ऐतिहासिक गिरावट का दौर शुरू हो गया है, जिसने देश के आर्थिक गलियारों में चिंता की लकीरें खींच दी हैं। आज के कारोबारी सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 40 पैसे की भारी-भरकम कमजोरी के साथ ₹96.93 के अब तक के सबसे निचले स्तर यानी ऑल-टाइम लो पर जा गिरा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है,
जिससे रुपया लगातार अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़कर नीचे आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं और भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है, जिसके भुगतान के लिए बाजार में डॉलर की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। इसके साथ ही, भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ बिकवाली ने आग में घी का काम किया है; विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश के लिए अमेरिकी डॉलर का रुख कर रहे हैं,
जिससे ग्लोबल मार्केट में डॉलर इंडेक्स को लगातार मजबूती मिल रही है। रुपये के इस कदर बेदम होने का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर भी पड़ने वाला है, क्योंकि आयात महंगा होने से देश में लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिससे आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजें और ईंधन और ज्यादा महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा, जो छात्र विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं या जो लोग विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब डॉलर के मुकाबले कहीं अधिक भुगतान करना होगा। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की इस बेलगाम गिरावट को थामने और बाजार में स्थिरता लाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपने विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करके जल्द ही दखल दे सकता है, लेकिन फिलहाल डॉलर के चक्रव्यूह में रुपया पूरी तरह फंसा हुआ नजर आ रहा है।



