महादौरे से पहले महाकटौती: मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व बरेली में ब्लैकआउट, ‘मिशन 2027’ की दहलीज पर विपक्ष ने कसा शिकंजा
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली आगमन से ठीक पहले ऊर्जा विभाग की घोर लापरवाही ने पूरे शहर को अंधेरे और आक्रोश के भंवर में धकेल दिया है। सूबे के मुखिया जहाँ एक ओर कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के जरिए सत्ता की साख मजबूत करने आ रहे हैं, वहीं बिजली विभाग की अघोषित और बेतरतीब कटौती ने जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। 24 घंटे में महज 10 घंटे भी सुचारू बिजली न मिलने से आम जनजीवन पूरी तरह त्रस्त हो चुका है और इस भीषण गर्मी में त्राहि-त्राहि मची हुई है। इस व्यवस्थागत नाकामी ने स्थानीय स्तर पर ऐसा जनाक्रोश भड़काया है कि सरकार की प्रशासनिक मशीनरी बैकफुट पर नजर आ रही है।
इधर बिजली संकट के इस सुलगते मुद्दे को लेकर विपक्षी खेमा पूरी तरह आक्रामक मोड में आ गया है, जिसने मुख्यमंत्री के इस दौरे पर उन्हें घेरने की चौतरफा रणनीति तैयार कर ली है। ‘मिशन 2027’ की चुनावी बिसात बिछा रहे विपक्ष के लिए यह जन-असंतोष एक बड़ा हथियार बन गया है, जिसके दम पर वे बिजली कटौती और अन्य स्थानीय नाकामियों को लेकर सीएम के सामने जोरदार प्रदर्शन करने की फिराक में हैं। इस अघोषित बिजली कटौती ने न केवल आम नागरिकों की रातें हराम की हैं, बल्कि बरेली के बड़े व्यापारिक और औद्योगिक पहियों को भी जाम कर दिया है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री की इस हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले बिजली अधिकारियों पर गाज गिरती है या विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने में पूरी तरह कामयाब रहता है।



