जिंदगी के नाम पर मौत का सौदा!’ – देश भर के ब्लड बैंकों में मचा हड़कंप, खून की तस्करी और नकली प्लाज्मा के बड़े खेल का पर्दाफाश
विशेष रिपोर्ट (द ग्रेट न्यूज):
देश भर के ब्लड बैंकों से एक ऐसा खौफनाक और चौंकाने वाला सच सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। मरीजों की जान बचाने के नाम पर जमा किए जाने वाले खून को अब चंद पैसों के लालच में अवैध बाजारों में बेचा जा रहा है। पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान तक—ब्लड बैंकों में जारी भ्रष्टाचार, अवैध तस्करी और फर्जीवाड़े का एक बड़ा सिंडिकेट बेनकाब हुआ है।
पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान एक अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा हुआ, जहां रक्तदान शिविरों और आम जनता से मुफ्त में एकत्र किए गए ब्लड और प्लाज्मा को निजी ब्लड बैंकों की मिलीभगत से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में करोड़ों रुपये में बेचा जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने 4 बड़े निजी ब्लड बैंकों के लाइसेंस निलंबित कर उनके रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। वहीं, महाराष्ट्र के प्रसिद्ध सरकारी सर जे. जे. अस्पताल के ब्लड बैंक में खून के बैग्स की चोरी और वित्तीय धांधली का मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने दोषी अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और पूरे राज्य में ब्लड बैग्स की ‘QR-कोड ट्रैकिंग’ लागू करने के आदेश दिए हैं।
दूसरी ओर, गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने नकली और असुरक्षित ब्लड प्लाज्मा बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह को रंगे हाथों पकड़ा है, जिसमें फार्मा कंपनी से जुड़े लोग भी शामिल पाए गए हैं। इतना ही नहीं, राजस्थान के सवाई माधोपुर और मकराना स्थित ब्लड सेंटरों पर जब ड्रग्स विभाग ने छापेमारी की, तो एक ही ब्लड बैग नंबर को अलग-अलग मरीजों के नाम दर्ज करने और स्टॉक गायब करने का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिसके बाद दोनों केंद्रों के लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिए गए।
जीवनदायिनी कहे जाने वाले ब्लड बैंकों में चल रहा यह काला कारोबार अब सीधे मासूम मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद पूरे देश के ब्लड बैंक संचालकों में हड़कंप मच गया है, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार है कि इंसानी खून की इस दलाली पर पूर्ण विराम कब लगेगा?



