काशीपुर में प्राइवेट सूदखोरों का जानलेवा जाल: 10 से 40% तक की भारी ब्याज दरों से घुट रहा आम आदमी का दम, क्या कप्तान अजय गणपति करेंगे इस खौफनाक खेल का अंत?
अज़हर मलिक
उत्तराखंड के काशीपुर में बिना किसी कानूनी डर के पैर पसार चुके प्राइवेट सूदखोरों ने मजबूर और जरूरतमंद लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के कोने-कोने में सक्रिय ये निजी ब्याजबट्टे चंद रुपयों की मजबूरी का फायदा उठाकर लोगों को 10 से 20 प्रतिशत, 20 से 30 प्रतिशत और यहां तक कि 30 से 40 प्रतिशत जैसी बेहद क्रूर मासिक ब्याज दरों के जाल में फंसा रहे हैं।
इन प्राइवेट धंधेबाजों के चंगुल में फंसे एक पीड़ित का दर्द सीधे कलेजे को चीर देता है, जिसकी रातों की नींद और दिन का चैन पूरी तरह छिन चुका है; वह बेबसी के आंसू रोते हुए कहता है कि इन सूदखोरों की लगातार बढ़ती डिमांड और मानसिक प्रताड़ना के आगे अब उसका दम घुटने लगा है और पूरा परिवार इस भारी कर्ज के बोझ तले तबाही की कगार पर पहुंच गया है। डर और लोक-लाज के मारे भले ही अभी तक कोई पीड़ित खुलकर पुलिस के पास लिखित शिकायत लेकर नहीं पहुंच पाया।
है, लेकिन शहर के भीतर पनप रहा यह खौफनाक और अवैध कारोबार अब एक बड़े सामाजिक संकट का रूप लेता जा रहा है। इस अंधकार के बीच,
जिले के पुलिस मुखिया एसएसपी अजय गणपति जनता के लिए उम्मीद की एकमात्र किरण बने हुए हैं; जब से उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला है, तब से अपनी सख्त और ईमानदार कार्यशैली के दम पर उन्होंने बड़े-बड़े अपराधियों की रीढ़ तोड़ दी है और उनके आते ही नगर में अपराधों पर बहुत प्रभावी लगाम लगी है। कप्तान अजय गणपति के इसी कड़क ट्रैक रिकॉर्ड और न्यायप्रिय छवि पर पूरा भरोसा जताते हुए अब काशीपुर की त्रस्त जनता उनसे यह पुरजोर अपील कर रही है कि वे इस मामले का खुद संज्ञान लें और इन अवैध प्राइवेट सूदखोरों के खिलाफ एक विशेष टीम (स्पेशल टास्क फोर्स) बनाकर कड़ी कार्रवाई अमल में लाएं, ताकि किसी मासूम को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े और काशीपुर को इस जानलेवा दलदल से मुक्ति मिल सके।



