हल्द्वानी हिंसा: हाईकोर्ट की फटकार के बाद बनी SIT, अब साजिश के परदे उठेंगे या फिर सच को दबा दिया जाएगा?
उत्तराखंड के शांत शहर हल्द्वानी में भड़की हिंसा अब सिर्फ भीड़ की सनक नहीं बल्कि एक गहरी साजिश की ओर इशारा कर रही है, जहां अतिक्रमण हटाने के नाम पर हुई कार्रवाई ने देखते ही देखते आग का रूप ले लिया, पत्थर चले, गोलियां चलीं, पुलिस पर हमला हुआ,
सरकारी संपत्ति जलाई गई और बेगुनाह मारे गए, लेकिन इन सबके बीच जो सबसे खतरनाक बात सामने आई वो ये कि क्या ये सब अचानक हुआ या किसी खास योजना के तहत रचा गया, इसी सवाल को उठाते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार और पुलिस को जमकर फटकार लगाई और पूछा कि जब पहले से तनाव की आशंका थी तो सुरक्षा के इंतज़ाम क्यों नहीं थे, और इसी के बाद अब राज्य सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT का गठन किया है जो अब इस पूरी हिंसा की तह में जाकर ये पता लगाएगी कि सोशल मीडिया पर किसने उकसाया, भीड़ को किसने इकट्ठा किया, पीछे से किसने फंडिंग की, और सबसे अहम – क्या कोई राजनीतिक ताकत इसमें शामिल थी, SIT अब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, और हर वायरल वीडियो की बारीकी से जांच करेगी, लेकिन असली सवाल ये है कि क्या इस बार सच सामने आएगा या फिर हमेशा की तरह जांच लंबी खिंचती जाएगी, सरकारें बदलेंगी, फाइलें धूल खाती रहेंगी और हल्द्वानी की वो आग सिर्फ लोगों की यादों और मीडिया की सुर्खियों तक ही सीमित रह जाएगी।



