वन विभाग की मनमानी खेत से लकड़ी ला रहे किसानों को रोककर कर रहे परेशान, तस्करों पर नहीं कोई सख्ती
अज़हर मलिक
काशीपुर : कुमाऊं क्षेत्र में एक ओर जहां जंगलों से अवैध तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वन विभाग आम लोगों को परेशान करने में जुटा हुआ है। ताजा मामला काशीपुर रेंज का है, जहां खेतों से लिप्टिस की लकड़ी लादकर आ रही चार ट्रैक्टर-ट्रॉली को विभागीय अधिकारियों ने रोक लिया।
जानकारी के मुताबिक, तराई पश्चिमी डिवीजन के एसडीओ के निर्देश पर काशीपुर रेंजर द्वारा इन ट्रैक्टरों को बीच रास्ते में रोक लिया गया। ट्रॉली मालिकों ने मौके पर ही सभी वैध दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत कर दिए कि लकड़ी खेतों से काटी गई है, फिर भी गाड़ियों को छोड़ने में टालमटोल की जा रही है और वाहन मालिकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब से कुमाऊं का प्रभार धीरज पांडे ने संभाला है, आम जनता के प्रति वन विभाग का रवैया और सख्त हो गया है, जबकि असली तस्करों और अवैध खनन में लिप्त लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग की लापरवाही का स्तर इतना बढ़ गया है कि जंगलों में चारागाह जलकर नष्ट हो चुके हैं और कई जानवर बीमारी के बाद बिना इलाज के मर गए हैं। बीते समय में एक नन्हे हाथी की मौत भी विभागीय उदासीनता का नतीजा रही।
जनता का कहना है कि विभाग केवल उन्हीं पर कार्रवाई कर रहा है, जो कानूनी रूप से अपना काम कर रहे हैं, जबकि तस्करों और खनन माफियाओं को खुली छूट मिली हुई है। सवाल यह उठता है कि क्या कुमाऊं चीफ़ की प्राथमिकता केवल दिखावे की कार्रवाई है या फिर पर्दे के पीछे कोई और खेल चल रहा है?



