स्मार्ट मीटर या स्मार्ट लूट? रामनगर में भड़का विरोध, पूर्व विधायक रणजीत रावत ने खोला मोर्चा।

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स्मार्ट मीटर या स्मार्ट लूट? रामनगर में भड़का विरोध, पूर्व विधायक रणजीत रावत ने खोला मोर्चा।

                    सलीम अहमद साहिल 

 

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रामनगर एक बार फिर सड़कों पर है।

इस बार मुद्दा है स्मार्ट मीटर, जिसे लेकर जनता में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि गले की फांस बनते नजर आ रहे हैं। आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि इन मीटरों के लगने के बाद बिजली बिलों में अचानक भारी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

 

मामला सिर्फ बिल बढ़ने तक सीमित नहीं है। लोगों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जो सीधे-सीधे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। कई मामलों में अदालतें भी यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि बिना सहमति मीटर बदलना उचित नहीं है—फिर भी विभागीय कार्रवाई जारी है।

 

इसी के विरोध में रामनगर में आज बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, जहां कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत खुद जनता के साथ दीवार बनकर खड़े है ।

 

 

रणजीत रावत ने सरकार और बिजली विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—

“ये स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट डकैती है। पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है। हमने पहले भी इसका विरोध किया था, तब हम पर मुकदमे दर्ज किए गए। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। जितने मुकदमे लगाने हैं लगा लो, हम गांधीवादी तरीके से जनता की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

 

उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार जनता के साथ खुली लूट कर रही है और बिजली विभाग की कार्यशैली पूरी तरह से तानाशाही में बदल चुकी है।

 

आज जब विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बिना सहमति के पुराने मीटर बदलने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया।

स्मार्ट मीटर को सरकार डिजिटल इंडिया और बिजली सुधार योजना का हिस्सा बता रही है, जिसका उद्देश्य बिजली चोरी रोकना और रियल-टाइम बिलिंग सुनिश्चित करना है।

लेकिन जमीनी हकीकत में कई राज्यों से शिकायतें सामने आई हैंस्मार्ट मीटर मे तकनीकी गड़बड़ियों के कारणों से उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है।

 

अब बड़ा सवाल ये है क्या स्मार्ट मीटर वाकई स्मार्ट समाधान हैं, या फिर आम जनता के लिए एक नई आर्थिक मुसीबत?

रामनगर की सड़कों पर उठती आवाजें फिलहाल सरकार और सिस्टम—दोनों को कटघरे में खड़ा कर रही हैं।

 

इस दौरान नगर अध्यक्ष भुवन शर्मा, जिला उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, जावेद खान, एडवोकेट फैजुल हक सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।

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