गोल्ड लोन चुकता करने के बाद भी गहने न लौटाने पर जिला उपभोक्ता आयोग सख्त, यूको बैंक को मुआवजा और ब्याज सहित धनराशि देने का दिया आदेश

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गोल्ड लोन चुकता करने के बाद भी गहने न लौटाने पर जिला उपभोक्ता आयोग सख्त, यूको बैंक को मुआवजा और ब्याज सहित धनराशि देने का दिया आदेश

काशीपुर में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग उधमसिंह नगर ने ग्राहक के सुरक्षित रखे गए सोने के आभूषण न लौटाने और बैंक की लापरवाही को उपभोक्ता सेवा में गंभीर कमी माना है। आयोग ने यूको बैंक की जसपुर शाखा को निर्देश दिया है कि वह गिरवी रखे गए 144.120 ग्राम 24 कैरेट सोने के आभूषण परिवादिनी को वापस करे। यदि बैंक गहने लौटाने में असमर्थ रहता है, तो उसे लोन चुकता करने की तिथि से सोने के बाजार मूल्य के अनुसार 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ धनराशि का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, उपभोक्ता को हुए मानसिक उत्पीड़न और कानूनी खर्च के रूप में अलग से मुआवजे का आदेश जारी किया गया है।

 

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मामला जसपुर निवासी शीतल अग्रवाल से जुड़ा है, जिन्होंने व्यक्तिगत जरूरतों के लिए यूको बैंक की जसपुर शाखा में अपने सोने के आभूषण गिरवी रखकर 3 लाख 22 हजार रुपये का गोल्ड लोन लिया था। बैंक के विज्ञापनों और कर्मचारियों के सुरक्षा संबंधी आश्वासनों पर भरोसा करते हुए यह लोन लिया गया था, जिसे उपभोक्ता ने नवंबर 2020 में ब्याज सहित कुल 3 लाख 98 हजार रुपये जमा करके पूरी तरह चुकता कर दिया। इसके बाद वर्ष 2023 में जब उन्होंने अपने आभूषण वापस मांगे, तो बैंक ने न तो गहने लौटाए और न ही इसका कोई संतोषजनक कारण बताया। अधिवक्ता नदीम उद्दीन के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद जब बैंक ने कोई कदम नहीं उठाया, तब पीड़ित पक्ष ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

 

 

आयोग के समक्ष बैंक प्रबंधन ने दलील दी कि 11 जुलाई 2018 को बैंक के ही एक चपरासी दुष्यंत कुमार द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया था। बैंक का दावा था कि घटना की जानकारी उपभोक्ता को फोन पर दी गई थी और डाक से 4,35,663 रुपये का समझौता पत्र भेजा गया था, इसलिए बैंक की ओर से सेवा में कोई कमी नहीं हुई है।

 

 

 

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चन्द्र चंदौला और सदस्या डॉक्टर मनीला की पीठ ने बैंक के तर्कों को खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि ग्राहक द्वारा सौंपे गए आभूषणों की सुरक्षा करने में बैंक पूरी तरह विफल रहा है। निर्णय की तिथि 7 अगस्त 2026 से 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देश देते हुए आयोग ने कहा कि यदि चोरी हुए आभूषण बैंक को मिल चुके हैं, तो उन्हें यथास्थिति में वापस किया जाए। असमर्थता की स्थिति में लोन समाप्ति की तिथि 30 नवंबर 2020 के सोने के बाजार भाव के हिसाब से पूरी रकम 6 फीसदी ब्याज सहित अदायगी तक दी जाए। साथ ही बैंक को 5 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 2 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी अदा करने होंगे।

 

 

 

 

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