अब अमेरिका तय करेगा भारत की विदेश नीति?’ मार्को रुबियो के बयान पर केंद्र सरकार घिरी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के एक बयान के बाद
भारत की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर देश की
कूटनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने का आरोप लगाया है।
🔥 सांसद जॉन ब्रिटास का तीखा हमला
राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि
“कल को मार्को रुबियो या डोनाल्ड ट्रंप यह भी तय करेंगे कि
मोदी सरकार में कौन मंत्री बनेगा।”
उन्होंने कहा कि यह देश की संप्रभुता के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।
🇮🇳 क्या है पूरा विवाद?
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्री
Marco Rubio ने मीडिया से बातचीत के दौरान
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति
Delcy Rodríguez की प्रस्तावित भारत यात्रा की जानकारी दी।
विपक्ष का सवाल है कि भारत और वेनेजुएला के बीच होने वाले
द्विपक्षीय दौरे की घोषणा भारत सरकार की बजाय
अमेरिका की ओर से क्यों की गई?
⚠️ विपक्ष ने उठाए 3 बड़े सवाल
1. क्या अमेरिका भारत की विदेश नीति में दखल दे रहा है?
2. क्या राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है?
3. क्या भारत की ऊर्जा और तेल नीति पर बाहरी दबाव बनाया जा रहा है?
🛢️ वेनेजुएला और तेल राजनीति पर भी चर्चा
विशेषज्ञों का मानना है कि
वेनेजुएला दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है।
ऐसे में भारत-वेनेजुएला संबंधों को लेकर अमेरिका की सक्रियता
भूराजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
💬 सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
मार्को रुबियो के बयान के बाद
सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
कुछ लोग इसे भारत की विदेश नीति में हस्तक्षेप बता रहे हैं,
तो कुछ इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया मान रहे हैं।
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