वन्यजीव तस्करों और अवैध गतिविधियों पर वन विभाग का बड़ा प्रहार; DFO और रेंजर महेश सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गुर्जरों के डेरों में चला महा-चेकिंग अभियान!
सलीम अहमद साहिल
तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर की रेंज पतरामपुर क्षेत्र के जंगलों तथा वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आज दिनांक 20 मई 2026 को प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) प्रकाश चंद्र आर्य तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी तराई पश्चिमी डिवीजन रामनगर संदीप गिरी के कुशल और दूरदर्शी दिशा-निर्देशन में, वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) दक्षिणी जसपुर/पतरामपुर रेंज महेश सिंह बिष्ट के धरातल पर मजबूत और साहसिक नेतृत्व में वन गुर्जरों के डेरों में एक बेहद सघन और औचक चेकिंग अभियान चलाया गया। इस महा-अभियान के दौरान वन विभाग की मुस्तैद टीम ने विभिन्न डेरों की बेहद गहन तलाशी लेते हुए घरेलू सामग्री, संदूक, कमरों और संदिग्ध स्थानों की बारीकी से जांच की, साथ ही वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण और गोपनीय इनपुट्स एकत्रित किए।
सराहनीय बात यह है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की पोचिंग (अवैध शिकार) को रोकने, जंगलों में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने और कानून व्यवस्था को लोहे की तरह मजबूत बनाए रखने के लिए DFO प्रकाश चंद्र आर्य की यह दूरगामी रणनीति और जमीन पर रेंजर महेश सिंह बिष्ट का यह कड़ा एक्शन वाकई काबिलेतारीफ है। अधिकारियों की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्यप्रणाली ने वन्य सम्पदा और वन्यजीवो को अपना निशाना बनाने की ख्वाइश रखने वाले माफियाओ पर वन विभाग ने ना केवल अपनी राणनीति का बुलडोजर चला कर उनके हौसलों को पस्त करने का प्रयास किया है बल्कि यह साबित कर दिया है कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग में परिंदा भी बिना इजाजत पर नहीं मार सकता। अधिकारियों की इस सजगता और कर्तव्यों की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है, जिसने सुरक्षा और संरक्षण की एक नई मिसाल कायम की है।
माना जा रहा है की जंगलो मे रहने वाले वन गुर्जरो की वन्यजीवो के शिकार मे लगातार मिल रही संलिप्तता को देखते हुए वन विभाग ने आपराधिक प्रर्वती के वन गुर्जरो को ये सन्देश देने का प्रयास किया है की तराई पश्चिमी डिवीजन मे आपराधिक गतिविधियां बिल्कुल बर्दास्त नहीं की जायगी
जंगलो और वन्यजीवो को सुरक्षित करने के लिए वन विभाग एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है वन विभाग की ये मुस्तदी उन तस्करो के लिए भी कड़ा पैगाम है जो वन्य सम्पदा और वन्यजीवो को अपना निशाना बना कर मोटा पैसा कमा कर ऐश करने की हसरत दिल मे लिए फिरते है ये सिर्फ चेकिंग अभियान नहीं है बल्कि माफियाओ के लिए वन विभाग की कड़ी चेतावनी है अगर तराई पश्चिमी डिवीजन मे किसी भी अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का किसी ने प्रयास किया तो उसका अंत जेल की सलाखों के पीछे ही होगा।




