धाकड़ धामी के धाकड़ अधिकारीयो का खनन माफियाओ पर धमदार प्रहार से खनन माफियाओ के मंसूवे तार तार हो गये है।
सलीम अहमद साहिल
वन विभाग की सख्त कार्यवाही से अवैध खनन पर नकेल कसने मे लगी है वन विभाग कि टीमें मुख्यमंत्री धामी की रणनीति से माफियाओं में खलबली मची हुई है 09 जनवरी 2026 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों को अमली जामा पहनाते हुए तराई पष्चिमी वन प्रभाग की टीमो ने अवैध खनन के खिलाफ एक और सफल अभियान चलाया। प्रभागीय वन अधिकारी प्रकाश चंद आर्य के कुशल निर्देशन और उप प्रभागीय वनाधिकारी किरण शाह की प्रभावशाली रणनीति के तहत, टीम ने नदी क्षेत्रों में छापेमारी कर कई वाहनों को जब्त किया, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
9 सितंबर 2025 को किरण शाह, धर्मानंद सुनियाल (वन क्षेत्राधिकारी, वन सुरक्षा बल), और प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में वन सुरक्षा बल की टीम ने देवघाट, सत्ता घाट, गुच्ची और त्रिलोक घाट सहित विभिन्न स्थानों पर अचानक निरीक्षण किया।
इस दौरान, दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना रॉयल्टी या वैध दस्तावेजों के पकड़ा गया। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ज्वालावन चौकी परिसर में सुरक्षित रखा गया, जबकि दूसरी को गुलजारपुर चौकी में। इसके अलावा, एक फिल्डर बाइक को राजकीय वाहनों की रेकी करते हुए पकड़ा गया, जिसे रामनगर वर्कशॉप में रखा गया। टीम ने दो थ्री-व्हीलर टेम्पो को अवैध खनन में लिप्त पाते हुए जब्त किया और उन पर तत्काल कार्रवाई की गई।
टीम ने नदी क्षेत्र में घूम रहे वाहन मालिकों को सख्त चेतावनी दी कि नदी में निजी वाहनों का प्रवेश पाया गया तो विभागीय कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री धामी की पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति को धरातल पर उतारने में प्रकाश चंद आर्य और किरण शाह की रणनीति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी सतर्कता और समन्वित प्रयासों से खनन माफियाओं की कमर टूट रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा, जिससे माफियाओं में खौफ का माहौल है। पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास से स्थानीय समुदाय में भी सकारात्मक संदेश जा रहा है।
इस अभियान में शामिल टीम के अधिकारी और कर्मचारीयो में अशोक कुमार टम्टा (वन क्षेत्राधिकारी, वन सुरक्षा बल), अवनीश कुमार (प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारी), मलकीत सिंह (वन आरक्षी), तारिक हामिद (वन दरोगा), और जगजीत सिंह (वन दरोगा) शामिल थे।




