अमरोहा एआरटीओ दफ्तर में ‘संडे’ को भी भ्रष्टाचार का खेल: वाहनों को छोड़ने के नाम पर वसूली जा रही मोटी रिश्वत
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को ठेंगा दिखाते हुए जनपद अमरोहा के एआरटीओ कार्यालय में इन दिनों रिश्वतखोरी के नए गुलदस्ते सजाए जा रहे हैं, जिसकी हकीकत जानकर हर कोई दंग है। एक तरफ जहाँ परिवहन विभाग के अधिकारी सड़कों पर उतरकर नियमों का हवाला देते हुए धड़ाधड़ वाहनों को सीज़ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सीज़ किए गए इन वाहनों को छोड़ने (रिलीज ऑर्डर तैयार करने) के नाम पर दफ्तर के भीतर भ्रष्टाचार का खुला खेल चल रहा है।
हद तो तब हो गई जब सरकारी छुट्टी के दिन यानी रविवार (संडे) को भी कार्यालय के दरवाजे सिर्फ और सिर्फ अवैध वसूली के लिए खोल दिए जाते हैं और चालान की रकम के साथ-साथ वाहन स्वामियों से जबरन मोटी रिश्वत ऐंठी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, किसी वाहन मालिक से 4,500 तो किसी से 5,500 और यहाँ तक कि कुछ लोगों से 10,500 रुपये तक की अवैध रकम खुलेआम वसूली गई है। चंद पैसों के लालच में अपने फर्ज से गद्दारी करने वाले इन कर्मचारियों को दफ्तर में बैठे जिम्मेदार अफसरों का भी पूरा शह मिला हुआ है,
जो भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के बजाय मौन रहकर उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं। यही वजह है कि आज तक इन भ्रष्ट कर्मियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संडे के दिन बंद सरकारी दफ्तर में रिलीज ऑर्डर तैयार होना विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा कलंक है। इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले में अब परिवहन विभाग के शीर्ष और वरिष्ठ अधिकारियों (सीनियर ब्यूरोक्रेट्स) को तत्काल संज्ञान लेना होगा, ताकि ऐसे लापरवाह और घूसखोर तंत्र पर कड़ा हंटर चलाकर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जा सके और आम जनता का कानून पर भरोसा बहाल हो सके।



