खनन माफिया पस्त, धामी सरकार की नीतियां मस्त! कोसी-दाबका में वन निगम ने रचा नया इतिहास

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खनन माफिया पस्त, धामी सरकार की नीतियां मस्त! कोसी-दाबका में वन निगम ने रचा नया इतिहास

क्या सरकारी तंत्र वाकई ठप पड़ा है या फिर परदे के पीछे कोई ऐसा महाप्लान चल रहा था जिसने चंद महीनों में ही सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए? जब विरोधी और अवैध खनन माफिया इस ताक में बैठे थे कि इस बार व्यवस्था लड़खड़ाएगी, ठीक उसी वक्त उत्तराखंड वन विकास निगम के जांबाजों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में एक ऐसा खामोश और अचूक चक्रव्यूह रचा, जिसकी गूंज से आज पूरा प्रदेश दहल उठा है! मानसून की आहट के बीच नदियों की लहरों ने एक ऐसी अनकही कहानी लिखी है, जिसने न सिर्फ पर्यावरण के दुश्मनों के हौसले पस्त कर दिए, बल्कि सरकारी खजाने को भी रिकॉर्डतोड़ कामयाबी से सराबोर कर दिया है।

अवैध खनन पर वज्रपात, अधिकारियों की मुस्तैदी लाई रंग

उत्तराखंड वन विकास निगम, खनन प्रभाग-रामनगर (नैनीताल) ने खनन सत्र 2025-26 के तहत कोसी एवं दाबका नदियों में उपखनिज चुगान का कार्य बेहद सफलतापूर्वक और गरिमामय ढंग से संपन्न कर लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और अवैध कामधंधों पर कड़े प्रहार का नतीजा है कि इस बार सभी निकासी गेटों पर डिजिटल निगरानी और अंतर-विभागीय तालमेल से माफियाओं को सिर उठाने का मौका तक नहीं मिला. जिला प्रशासन, पुलिस महकमे (CO एवं SHO स्तर) तथा वन विभाग की रामनगर व बैलपड़ाव रेंज ने मिलकर गेट-स्तरीय कड़ा पहरा बिठाया, जिससे न तो पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचा और न ही राजस्व की एक भी बूंद बाहर टपक सकी.

शासकीय आदेशों का कड़ाई से पालन करते हुए कोसी नदी में मानसून-पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि 19 जून 2026 तक पूरी पारदर्शिता से काम हुआ, वहीं दाबका नदी ने तो अपनी रफ्तार से सबको चौंकाते हुए स्वीकृत लक्ष्य को समय से पहले ही 31 मई 2026 को हासिल कर काम बंद कर दिया था.

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उत्पादन के चमत्कारी आंकड़े

मोबाइल स्क्रीन पर बिना किसी परेशानी के सीधे और साफ-सुथरे आंकड़े देखें:

कोसी नदी
कुल स्वीकृत लक्ष्य:
10,09,890.63 घ.मी.
कुल उत्पादन:
9,61,474.30 घ.मी.
उपलब्धि प्रतिशत:
95.2%
दाबका नदी
कुल स्वीकृत लक्ष्य:
1,28,375.00 घ.मी.
कुल उत्पादन:
1,28,371.54 घ.मी.
उपलब्धि प्रतिशत:
99.99%
कुल महायोग (उत्पादन)
कुल स्वीकृत लक्ष्य:
11,38,265.63 घ.मी.
कुल महायोग उत्पादन:
10,89,845.84 घ.मी.

राजस्व का महा-संग्रह (रुपयों में)

कोसी नदी से प्राप्त राजस्व
रॉयल्टी:
₹13,84,52,233
जिला खनन न्यास:
₹2,07,67,839
परिचालन व्यय (वन निगम):
₹8,54,94,251
जी.एस.टी. (5%):
₹1,41,48,855
आय कर (2.5%):
₹74,28,970
कुल कोसी राजस्व:
₹30,46,10,271
दाबका नदी से प्राप्त राजस्व
रॉयल्टी:
₹1,84,85,770
जिला खनन न्यास:
₹27,72,868
परिचालन व्यय (वन निगम):
₹1,14,14,967
जी.एस.टी. (5%):
₹18,89,116
आय कर (2.5%):
₹9,92,058
कुल दाबका राजस्व:
₹4,06,72,459
कुल महायोग राजस्व (दोनों नदियां)
कुल रॉयल्टी योग:
₹15,60,26,497
कुल जिला खनन न्यास योग:
₹2,35,40,707
कुल परिचालन व्यय योग:
₹9,63,46,363
कुल जी.एस.टी. योग:
₹1,60,37,971
कुल आय कर योग:
₹84,21,028
कुल अर्जित राजस्व:
₹34,52,82,730

इस सत्र में सरकार को कुल ₹34.53 करोड़ (चौंतीस करोड़ बावन校 लाख बयासी हजार सात सौ तीस रुपये मात्र) का बंपर राजस्व प्राप्त हुआ है!

गत सत्र की तुलना में बंपर छलांग!

अगर पिछले खनन सत्र 2024-25 से तुलना करें, तो ये आंकड़े आंखें खोल देने वाले हैं। पिछले साल कोसी नदी से मात्र 4,40,555.57 घ.मी. और दाबका से महज 64,461.76 घ.मी. का उत्पादन हुआ था। लेकिन इस बार कुशल प्रबंधन के चलते कुल राजस्व प्राप्ति में ₹19.04 करोड़ की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है! यह सीधा सबूत है कि धामी सरकार की नीतियां और अधिकारियों की मुस्तैदी रंग ला रही है।

सिर्फ व्यापार नहीं, मानवीय सरोकार भी!

निगम के अधिकारियों ने धामी सरकार के संवेदनशील दृष्टिकोण को धरातल पर उतारते हुए केवल मुनाफे पर ध्यान नहीं दिया। खनन क्षेत्रों में हाड़ कंपाने वाली ठंड के दौरान गरीब श्रमिकों को वन विकास निगम की तरफ से मुफ्त कंबल बांटे गए। साथ ही उनके और उनके बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का भव्य आयोजन भी किया गया। संपूर्ण कार्य पर्यावरणीय अनुज्ञाओं (EC/FC) की शर्तों के कड़ाई से अनुपालन के तहत संपन्न किया गया।

 

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