बेसमेंट में संचालित अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई सुविधाएं सील, पीलीभीत रोड स्थित केजीएन सहारा हॉस्पिटल पर सीलिंग की कार्रवाई, सहारा सिटी हॉस्पिटल के बेसमेंट में चल रही ओटी, पैथोलॉजी लैब और दो वार्ड सील, नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार बोले शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जारी रहेगा अभियान
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को शहर में बेसमेंट में संचालित अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं के खिलाफ विशेष निरीक्षण अभियान चलाते हुए कई अस्पतालों पर कार्रवाई की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर टीम ने विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों, भवन संबंधी व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर बेसमेंट में चिकित्सा सेवाएं संचालित होती मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में डॉ. अजय कुमार संयुक्त टीम ने सबसे पहले पीलीभीत रोड स्थित केजीएन सहारा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बेसमेंट में अस्पताल संचालन पाए जाने पर विभागीय टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने सहारा सिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जहां बेसमेंट में संचालित ऑपरेशन थिएटर (ओटी), पैथोलॉजी लैब और दो वार्ड पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी इकाइयों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
अभियान के दौरान मौर्य हॉस्पिटल में भी निरीक्षण किया गया। यहां बेसमेंट में संचालित ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू मिलने पर विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए दोनों इकाइयों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन को संबंधित नियमों का पालन करने तथा आवश्यक मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बेसमेंट में संचालित अस्पतालों और गंभीर चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सुरक्षा संबंधी कई चुनौतियां होती हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। विभाग द्वारा यह भी देखा जा रहा है कि अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन और अन्य सुरक्षा मानक निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि यह अभियान केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम और चिकित्सा संस्थानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या नियमों के विपरीत संचालन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित और मानक अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


