संदिग्ध परिस्थितियों में हुई महिला की मौत, कोतवाली पुलिस ने शव को भिजवाया पीएम के लिए,
यामीन विकट
ठाकुरद्वारा : संदिग्ध परिस्थितियों में अधिवक्ता की पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, चर्चा है कि घरेलू कलह मृतका की मौत का कारण बनी है। कोतवाली पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पी एम को भिजवा दिया है जबकि घर की बारीकी से जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है।
गुरुवार की देर शाम नगर के रतुपुरा रोड निवासी अधिवक्ता राजकुमार यादव की पत्नी पूनम रानी (39)ने अपने घर के अंदर कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पति का कहना है कि वह घर के नीचे बने कमरे में था और ऊपर के कमरे में उसकी पत्नी ने फांसी लगा ली। उसने कमरे का दरवाजा खोलने के लिए अपनी पत्नी को काफी आवाज़ लगाई लेकिन उसने दरवाज़ा नही खोला तब उसने दरवाज़ा तोड़ दिया और आनन फानन में उसे लेकर नगर के सरकारी अस्पताल पँहुचा जंहा चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने अस्पताल पंहुचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। कोतवाली प्रभारी विवेक कुमार शर्मा ने बताया है कि मौत का कारण पी एम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा और घटना स्थल का निरीक्षण करने के लिए फोरेंसिक टीम पँहुच रही है। बताते चलें कि अधिवक्ता का काफी समय से उसकी पत्नी के साथ विवाद चला आ रहा था और बुधवार को भी उसकी पत्नी शिकायत लेकर कोतवाली पंहुची थी लेकिन इस मामले में कुछ अन्य अधिवक्ताओं ने मध्यस्थता कर समझौता करा दिया था उस समय किसी को नही मालूम था कि ये मामला इतनी बड़ी घटना तक पँहुच जाएगा।
फिलहाल कोतवाली पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच में जुटी है और अधिवक्ता की पत्नी की मौत की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है। मृतका अपने पीछे एक बेटी वंशिका यादव व पुत्र घनेन्द्र यादव को छोड़ गई है जो घटना के समय घर पर मौजूद नही थे। इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही महत्वपूर्ण है और उसके आने के बाद ही मौत के कारण का खुलासा होगा । फिलहाल इस मामले को लेकर तरह तरह की अटकले लगाई जा रही हैं।



