Delhi: आउटसोर्सिंग के विरोध में आज से नर्सों की हड़ताल, रोज सुबह 9 से 11 बजे तक नहीं करेंगे काम
केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में दो घंटे की हड़ताल का ऐलान, स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
दिल्ली के केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में सोमवार से नर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो गई है। All India Government Nurses Federation (एआईजीएनएफ) ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और सुचेता कृपलानी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की आउटसोर्सिंग के विरोध में आंदोलन का ऐलान किया है।
फेडरेशन के मुताबिक सभी केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में रोजाना सुबह 9 बजे से 11 बजे तक दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह विरोध जारी रहेगा।
आउटसोर्सिंग का विरोध, सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप
नर्सिंग फेडरेशन का आरोप है कि केंद्र सरकार 2016 से सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों की आउटसोर्सिंग लागू करने की कोशिश कर रही है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।
संगठन का कहना है कि पहले सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था कि नर्सिंग सेवाओं में आउटसोर्सिंग नहीं की जाएगी, लेकिन अब फिर से इस प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
फेडरेशन ने मांग की है कि —
- आउटसोर्सिंग प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए
- नर्सिंग संगठनों के साथ जल्द बैठक की जाए
- स्थायी भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए
स्वास्थ्य मंत्री को भेजा गया पत्र
Jagat Prakash Nadda को भेजे गए पत्र में फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
संगठन ने साफ कहा है कि मांगें पूरी होने तक नर्सिंग कर्मचारी रोजाना दो घंटे तक काम बंद रखेंगे।
अस्पताल सेवाओं पर पड़ सकता है असर
नर्सों की इस हड़ताल का असर दिल्ली के कई बड़े केंद्रीय अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। खासतौर पर ओपीडी, वार्ड और मरीजों की नियमित देखभाल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि फेडरेशन का कहना है कि इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन विरोध जारी रहेगा।
पहले भी हो चुका है विरोध
नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्सिंग से नौकरी की सुरक्षा, वेतन और कार्य परिस्थितियों पर असर पड़ता है। यही वजह है कि पिछले कई वर्षों से नर्सिंग संगठन इस नीति का विरोध करते आ रहे हैं।
अब देखना होगा कि सरकार और नर्सिंग फेडरेशन के बीच बातचीत से समाधान निकलता है या आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होता है।



