मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक: स्वास्थ्य, राजस्व, निर्माण कार्य और आईजीआरएस शिकायतों पर कड़ा फोकस, फार्मर रजिस्ट्री से लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटरों तक, मंडलायुक्त ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली: मंडलायुक्त भूपेन्द्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, निर्माण कार्यों, राजस्व वसूली और आईजीआरएस शिकायतों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों को लक्ष्य आधारित कार्यों में तेजी लाने तथा जनहित से जुड़े मामलों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
बैठक में गेहूं खरीद की समीक्षा के दौरान मंडल में प्रदेश के मुकाबले कम खरीद होने पर चिंता जताते हुए खरीद बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं आगामी वृक्षारोपण अभियान के तहत वंदे मातरम वन, महर्षि चरक औषधिवन, समरस वन, समृद्धि वन एवं कपि वन जैसे विशेष वन विकसित करने की जानकारी दी गई।
मंडलायुक्त ने फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान संचारी रोग नियंत्रण, फॉगिंग, एम्बुलेंस सेवाओं, आयुष्मान कार्ड और एचपीवी वैक्सीनेशन की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर मंडलायुक्त ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि केंद्रों पर अधिकृत चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने तथा डिस्चार्ज के बाद मरीजों से फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि आंवला तहसील क्षेत्र के दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज किया गया है।
निराश्रित गौवंश प्रबंधन की समीक्षा के दौरान छोटी गौशालाओं के पशुओं को बड़ी गौशालाओं में स्थानांतरित करने तथा खाली परिसरों का उपयोग भूसा भंडारण और हरा चारा उत्पादन के लिए किए जाने की जानकारी दी गई। चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यों की प्रगति जानी गई। शिक्षा विभाग की समीक्षा में विद्यालयों के नामांकन सत्यापन तथा निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की पहचान के निर्देश दिए गए।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा में कई परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण होने की जानकारी दी गई, जबकि कुछ कार्य तकनीकी कारणों से लंबित पाए गए। मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूर्ण कर हैंडओवर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजस्व वसूली की समीक्षा में विभिन्न विभागों के प्रदर्शन का आकलन किया गया। स्टांप एवं पंजीकरण में बरेली की स्थिति सर्वश्रेष्ठ पाई गई, जबकि राज्यकर संग्रह में पीलीभीत जनपद अग्रणी रहा। बैठक में लंबित राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने तथा पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संतोषजनक फीडबैक प्रतिशत बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त देवेन्द्र प्रताप, अपर आयुक्त न्यायिक प्रीति जायसवाल, जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह, जिलाधिकारी बदायूं अवनीश कुमार राय, जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह सहित मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



