सलाखों के पीछे 23 मुकदमों का ‘मोस्ट वांटेड’ वन तस्कर: रामनगर वन विभाग की आरक्षित क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, रंगे हाथ दबोचा

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सलाखों के पीछे 23 मुकदमों का ‘मोस्ट वांटेड’ वन तस्कर: रामनगर वन विभाग की आरक्षित क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, रंगे हाथ दबोचा

रामनगर। घने जंगलों के बीच छिपे एक ऐसे शातिर शिकार को दबोचने के लिए वन विभाग की टीम रात-दिन एक किए हुए थी, जो पिछले कई सालों से कानून की आंखों में धूल झोंककर बेशकीमती वन संपदा को बेरहमी से उजाड़ रहा था, लेकिन कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और आखिरकार इस मोस्ट वांटेड अपराधी की किस्मत ने आज दगा दे ही दिया। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की सजग और मुस्तैद टीम ने एक बेहद गुप्त और सटीक सूचना के आधार पर आरक्षित वन क्षेत्र में घेराबंदी करके, सालों से फरार चल रहे इस दुस्साहसिक वन तस्कर को उसके दो साथियों समेत रंगे हाथ दबोच कर एक ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। इस बड़ी और धमाकेदार कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके के वन माफियाओं और अवैध तस्करों के हौसले पस्त हो गए हैं।

पूरी घटना के मुताबिक, प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चन्द्र आर्य एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी किरन साह के कुशल और दूरदर्शी निर्देशन में वन विभाग की टीम लगातार सक्रिय थी। इसी कड़ी में आज वन क्षेत्राधिकारी शेखर चन्द्र तिवाड़ी के जांबाज नेतृत्व में टीम ने गुलजारपुर बीट के प्लाट एन-2 स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में तस्करों को घेर लिया। इस बेहद साहसिक और मुस्तैद टीम में उपवन क्षेत्राधिकारी (डिप्टी रेंजर) जगदीश पांडे, वन दरोगा अमजद खान, वन दरोगा मोहम्मद इमरान, वन दरोगा तारीख हमीद, वन दरोगा जगजीत सिंह सहित पंकज सिंह और गुलशन जैसे अन्य जांबाज टीम मेंबर शामिल रहे। वहां ग्राम गोबरा (तहसील बाजपुर, थाना काशीपुर) निवासी मुख्य अभियुक्त लखविन्दर पुत्र खेम सिंह अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सरकारी संपत्ति खैर, सागौन और शीशम के हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर अवैध पातन कर रहा था। वन विभाग के इन जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए चारों तरफ से घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।

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वन क्षेत्राधिकारी शेखर चन्द्र तिवाड़ी ने बताया कि पकड़ा गया मुख्य आरोपी लखविन्दर कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि वह इस पूरे क्षेत्र का एक बेहद शातिर, सक्रिय और वन माफिया है, जिसके खिलाफ साल 2020-22 से लेकर अब तक अवैध पातन और तस्करी के कुल 23 गंभीर वन अपराध दर्ज हैं। लंबे समय से वन विभाग की टीम इसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी और आज की यह सफलता पूरी टीम की कड़ी मेहनत, आपसी तालमेल और बेहतरीन रणनीति का नतीजा है। विभाग की इस मुस्तैदी की चारों तरफ जमकर तारीफ हो रही है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए सभी तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम व अन्य बेहद सख्त और सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कड़ी विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, इस बड़े गिरोह की कमर पूरी तरह से तोड़ने के लिए मुख्य अभियुक्त के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई करने हेतु उच्चाधिकारियों को पत्र भी भेज दिया गया है।

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