मामा ने समझा था घर का रखवाला, भांजा निकला अलमारी साफ करने वाला! बंद मकान में सेंध लगाने वाले शातिर को आईटीआई पुलिस ने चटाई धूल, शत-प्रतिशत माल बरामद
काशीपुर। चंद पैसों के लालच और ऐश-ओ-आराम की चाहत में लोग किस कदर अपनों के ही भरोसे का कत्ल कर देते हैं, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक कलयुगी भांजे ने मामा के रिश्ते को पूरी तरह कलंकित करते हुए उनके बंद घर को ही अपना निशाना बना डाला और अलमारी साफ कर दी। हालांकि, आरोपी भांजा इस बात से पूरी तरह बेखबर था कि कानून की नजरें उस पर ही टिकी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के कड़े तेवरों और कुशल निर्देशन में काम कर रही आईटीआई थाना पुलिस ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए इस बंद घर में हुई चोरी की गुत्थी का न सिर्फ चंद घंटों में पर्दाफाश कर दिया, बल्कि शातिर चोर भांजे को सलाखों के पीछे पहुंचाकर रिश्ते को शर्मसार होने से बचा लिया। पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
वारदात का पर्दाफाश करने के लिए एसएसपी अजय गणपति के दिशा-निर्देशों के बाद आईटीआई थाना पुलिस ने एक ठोस रणनीति के तहत अपनी तफ्तीश आगे बढ़ाई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों को खंगालने और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के बाद जब कड़ाई से तफ्तीश की, तो शक की सुई सीधे पीड़ित के अपने ही भांजे पर जाकर टिक गई। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी भांजे को दबोच लिया। जब पुलिसिया अंदाज में उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के कब्जे से चोरी की गई शत-प्रतिशत नकदी और सोने के बेशकीमती जेवरात भी सकुशल बरामद कर लिए हैं, जो उसने अलमारी तोड़कर उड़ाए थे।
आईटीआई पुलिस की इस धमाकेदार और कामयाब कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अपराध करने वाला चाहे कोई अपना हो या पराया, वह पुलिस की पैनी नजरों से बच नहीं सकता। आरोपी ने सोचा था कि रिश्तेदार होने के नाते उस पर कोई शक नहीं करेगा और वह आसानी से बड़ी वारदात को अंजाम देकर निकल जाएगा, लेकिन आईटीआई पुलिस की टीम ने उसके तमाम मंसूबों पर पानी फेर दिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की विधिक कार्रवाई पूरी कर ली है और बरामद माल को केस प्रॉपर्टी के तौर पर शामिल कर आगे की कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है।



