कुलदीप हत्याकांड: अंतिम संस्कार से परिजनों का इनकार, हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा परिवार
मृतक का भाई असम राइफल्स में तैनात, बहन यूपी पुलिस में दरोगा
दशहरे की रात मारी गई थी गोली, मुकदमा दर्ज न होने का आरोप
ठाकुरद्वारा । डिलारी थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव में दशहरे की रात किसान कुलदीप की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। परिजनों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजे जाने तक मृतक का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। परिजनों के मुताबिक, कुलदीप का शव कल दोपहर से घर के आंगन में रखा हुआ है, लेकिन अभी तक पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं। परिवार ने पुलिस पर अब तक मुकदमा दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, कुलदीप दशहरा मेला देखकर घर लौटे थे। मृतक की पत्नी प्राची के मुताबिक, रात करीब नौ बजे गांव के भूपेंद्र और उसका बेटा शैलेंद्र कुलदीप को घर से बुलाकर ले गए थे। कुछ देर बाद उन्हें कुलदीप को गोली मारे जाने की सूचना मिली। परिजन आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
परिवार में सेना और पुलिस में तैनात हैं सदस्य
मृतक कुलदीप के परिवार में एक भाई असम राइफल्स में तैनात है, जबकि उनकी बहन उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा के पद पर कार्यरत है। इसके बावजूद परिजन न्याय के लिए पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक वे कुलदीप का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पुलिस बता रही दो पक्षों के बीच विवाद
वहीं, एसपी ग्रामीण के मुताबिक, गांव में दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान गोली चलने की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करने और आरोपियों की तलाश किए जाने की बात कही है। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है और पुलिस की ओर से उन्हें कोई ठोस जवाब भी नहीं मिल रहा है।
फिलहाल कुलदीप का शव घर के आंगन में रखा हुआ है। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और अधिकारियों की ओर से परिवार को दिए जाने वाले जवाब पर सभी की नजरें टिकी हैं।




