रायबरेली में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई: दीवाली के मद्देनजर मिलावटखोरों पर शिकंजा, सलवन खोया मंडी और हरचंदपुर में हुई ताबड़तोड़ जांच
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ एवं जिलाधिकारी महोदया, रायबरेली के आदेश तथा सहायक आयुक्त (खाद्य-द्वितीय) श्री मानिक चंद्र सिंह के कुशल निर्देशन में, आगामी दीवाली के पावन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए आमजनमानस को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष सघन अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और मंडियों का औचक निरीक्षण कर कड़े कदम उठाए हैं।
सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय श्री मानिक चंद्र सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों—श्री महेंद्र कुमार यादव एवं श्री अभय प्रताप सिंह द्वारा सलवन खोया मंडी में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान दीवाली पर मिलावटी खोवे की बिक्री को रोकने और आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से मौके पर ही मिलावट की पहचान के घरेलू उपाय बताए गए और लाइव टेस्टिंग करके दिखाई गई। मंडी में खाद्य कारोबारी राजकुमार, अनीस, श्रीचंद कौशल, मिथिलेश के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। साथ ही, नूर मोहम्मद, जमीर, राजा, रजी मोहम्मद, सिद्धि, लतीफ आदि किसानों द्वारा लाए गए खोवे की भी मौके पर गहन जांच की गई। इस दौरान कुल 10 सैंपल की जांच की गई, जिसमें राहत की बात यह रही कि किसी भी सैंपल में स्टार्च की मिलावट नहीं पाई गई।
वहीं दूसरी ओर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुश्री कंचन लता तिवारी द्वारा हरचंदपुर स्थित ‘स्वाती स्वीट्स’ का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान से छेना मिठाई का एक आधिकारिक नमूना (सैंपल) संग्रहित कर प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए भेजा गया। इसके अतिरिक्त, मौके पर लगभग 1 कुंतल दूषित एवं अमानक छेना मिठाई (अनुमानित मूल्य 38,000 रुपये) को जनहित में तत्काल प्रभाव से विनष्ट (नष्ट) कराया गया। प्रतिष्ठान में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी व अन्य कमियों को देखते हुए नियमानुसार सुधार हेतु नोटिस जारी की जा रही है। खाद्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
