बनास डेयरी के बोनस वितरण एवं किसान जागरूकता कार्यक्रम में उमड़े किसान, पशुपालन को मुनाफे का सौदा बनाने का मिला मंत्र
नरेंद्र त्रिपाठी रायबरेली
रायबरेली के डलमऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरे धोकल सिंह मजरे रसूलपुर धरावा गांव में उस वक्त उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब रिटायर्ड फौजी महेंद्र प्रताप सिंह और समाजसेवी बबलू सिंह के संयुक्त प्रयासों से बनास डेयरी के विशेष बोनस वितरण एवं किसान जागरूकता समारोह का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पहुंचे स्थानीय किसानों और ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। समारोह के दौरान किसानों को न केवल उनके वर्षभर के परिश्रम का लाभ बोनस के रूप में मिला, बल्कि आधुनिक और वैज्ञानिक पशुपालन के गुर सीखकर अपनी आर्थिकी को मजबूत करने का अनूठा अवसर भी प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं लखनऊ जोन के प्रभारी डॉ. हेमंत गंगवार ने सहकारिता की ताकत और इसके चमत्कारी परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बनास डेयरी वर्षभर समिति स्तर पर हुए व्यावसायिक मुनाफे को सभी खर्च काटने के बाद सीधे किसानों के बैंक खातों में बोनस के रूप में हस्तांतरित करती है। उन्होंने कहा कि दूध की खरीद पूरी तरह पारदर्शिता के साथ फैट और एसएनएफ (SNF) के आधार पर की जाती है, जिसके तहत वर्तमान में 6.5 फैट और 9.0 एसएनएफ पर किसानों को 58.30 रुपये प्रति लीटर का बेहतरीन मूल्य मिल रहा है। डॉ. गंगवार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे मात्र हर चार महीने में पशुओं को कृमिनाशक (कीड़े की दवा) देने और प्रतिदिन 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर खिलाने जैसी दो सरल आदतों को अपना लें, तो पशुपालन उनके लिए घाटे का नहीं बल्कि सबसे अधिक लाभदायक व्यवसाय बन जाएगा।
इस सफल आयोजन ने क्षेत्र के पशुपालकों में एक नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार किया है, जिससे ग्रामीण अंचल में आर्थिक समृद्धि और सहकारिता की बयार और अधिक तेज होने की उम्मीदहै।