हमीरपुर में दर्दनाक हादसा: तालाब में नहाने गए तीन मासूमों की डूबकर मौत, गांव में पसरा मातम
Hamirpur News: भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि परिजनों की चीख-पुकार सुन हर किसी की आंखें नम हो गईं। घटना मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव की है, जहां सोमवार सुबह रामजानकी मंदिर के पीछे स्थित तालाब में यह हादसा हुआ।
जानकारी के अनुसार, गांव के सात बच्चे तालाब पर नहाने के लिए पहुंचे थे। इनमें पांच बच्चे पानी में उतरे, जबकि दो बच्चे किनारे बैठे रहे। नहाने के दौरान तीन बच्चे तालाब में बने गहरे गड्ढे में चले गए और डूबने लगे। बताया जा रहा है कि तालाब में सामान्य रूप से करीब पांच फीट पानी था, लेकिन बीच में 8 से 10 फीट गहरा गड्ढा बना हुआ था, जो हादसे की वजह बना।
हादसे में प्रबल पुत्र घनश्याम यादव (10), आदित्य पुत्र राजू कुशवाहा (9) और भोला पुत्र सीताराम कुशवाहा (10) की मौत हो गई। बच्चों के डूबने की आवाज सुनकर किनारे बैठे बच्चों ने शोर मचाया। इसके बाद अन्य बच्चे किसी तरह बाहर निकलकर गांववालों और परिजनों को सूचना देने पहुंचे।
सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण तुरंत तालाब की ओर दौड़े। पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया। आनन-फानन में उन्हें सीएचसी मौदहा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के पास न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था थी और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। बच्चों को तैरना भी नहीं आता था, जिससे हादसा और भयावह हो गया। एक साथ तीन मासूमों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ राजकुमार पांडेय, एसडीएम करणवीर सिंह और कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार पुलिस बल के साथ सीएचसी पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि तालाब में बच्चों के डूबने की सूचना मिलने के बाद तत्काल पुलिस टीम मौके पर भेजी गई थी। ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तालाबों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



