द ग्रेट न्यूज की खबर का बड़ा असर: बाजपुर में फर्जी डॉक्टर बनी आशा फैसिलिटेटर के खौफनाक खेल पर SDM ऋचा सिंह का कड़ा रुख, चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश
अज़हर मलिक
‘द ग्रेट न्यूज’ पर बाजपुर के उप-जिला चिकित्सालय के पास अवैध रूप से DNC जैसी जानलेवा प्रक्रिया को अंजाम दे रही आशा फैसिलिटेटर सरोज यादव के खौफनाक और बेखौफ धंधे का पर्दाफाश होते ही शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। मासूम जिंदगियों से खिलवाड़ के ठोस सबूत और वायरल वीडियो को ‘द ग्रेट न्यूज’ द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद बाजपुर की उप जिलाधिकारी (SDM) ऋचा सिंह ने इस पूरे मामले पर कड़ा और ऐतिहासिक संज्ञान लिया है। SDM ऋचा सिंह ने बिना किसी देरी के मामले की गंभीरता को समझते हुए चिकित्सा अधीक्षक, उपजिला चिकित्सालय बाजपुर को आधिकारिक पत्र जारी कर तुरंत कठोर जांच बैठाने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही उन्होंने इस प्रशासनिक आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी उधमसिंहनगर को भेजकर यह साफ कर दिया है कि स्वास्थ महकमे के भीतर पल रहे ऐसे खौफनाक सिंडिकेट को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। SDM ऋचा सिंह द्वारा दिखाई गई इस तत्परता, संवेदनशीलता और निर्भीक प्रशासनिक पहल की आम जनता और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है, जिसने बार-बार लीपापोती करने वाले स्वास्थ्य विभाग की खामोशी पर करारा प्रहार किया है।
दूसरी ओर, ‘द ग्रेट न्यूज’ के इस बड़े खुलासे ने बाजपुर और पूरे उधमसिंहनगर जिले के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, गैर-जिम्मेदारी और संदिग्ध भूमिका को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। सरकारी अस्पताल की नाक के नीचे, स्वास्थ्य विभाग की ही एक कर्मचारी बेखौफ होकर अवैध धंधे का खेल चला रही थी और धारदार औजारों से लोगों की जिंदगियों का खूनी सौदा कर रही थी, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक न होना या जानकर अनजान बने रहना बेहद शर्मनाक और संगीन सवाल खड़े करता है। पूर्व में तीन-चार बार सीलिंग की कार्रवाई होने के बावजूद यह महिला बार-बार अस्पताल का ठिकाना बदलकर मौत की दुकान सजाती रही, जो बिना विभागीय शह और उच्च अधिकारियों की सहभागिता के नामुमकिन है। जांच के नाम पर हमेशा फाइलों को दबाने वाले और सफेदपोश अपराधियों को अभयदान देने वाले स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की इस लापरवाही ने जनता के भरोसे का कत्ल किया है। अब देखना यह होगा कि SDM ऋचा सिंह के इस कड़े रुख और प्रशासनिक आदेश के बाद क्या बेपरवाह स्वास्थ्य महकमा केवल औपचारिक जांच का ढोंग रचता है या फिर इस पूरे खौफनाक सिंडिकेट को जड़ से उखाड़कर सलाखों के पीछे धकेलता है।



