न्याय यात्रा या राजनीतिक नौटंकी? कांग्रेस नेताओं की ‘मुस्कान’ ने खोली अंकिता भंडारी मामले पर संवेदनशीलता की पोल
अज़हर मलिक
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के नाम पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस पार्टी का असली और संवेदनहीन चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। काशीपुर में आयोजित ‘न्याय यात्रा’ के दौरान एक तरफ जहां पीड़ित परिवार की चीखें और इंसाफ की गुहार गूंज रही थी, वहीं दूसरी तरफ मंच पर बैठे कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधायक इस बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मुद्दे पर मुस्कुराते हुए कैमरे में कैद हो गए। सिरसा से लोकसभा सांसद और कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा तथा वरिष्ठ विधायक यशपाल आर्य जैसे बड़े पदों पर बैठे नेताओं के चेहरे पर दिख रही यह अवांछित मुस्कान साफ बयां करती है कि कांग्रेस के लिए अंकिता भंडारी का मामला बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई नहीं, बल्कि महज एक राजनीतिक स्टंट और प्रोपेगैंडा बनकर रह गया है।
एक मां अपने कलेजे के टुकड़े को खोने के बाद न्याय की आस में दर-दर भटकने को मजबूर है, लेकिन जिन सियासी चेहरों से जनता और पीड़ित परिवार को सांत्वना की उम्मीद थी, वे इस गमगीन माहौल में भी बेफिक्र होकर ठहाके लगाते नजर आए। यह शर्मनाक रवैया न सिर्फ उस बेटी की शहादत का अपमान है, बल्कि उन तमाम मां-बाप के संघर्षों के साथ भद्दा मजाक है जो अपनी बेटियों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। जनता अब समझ चुकी है कि कांग्रेस नेताओं की यह सियासी यात्राएं जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का जरिया हैं, जहां एक तरफ न्याय की मांग का ढोंग रचा जाता है और दूसरी तरफ कैमरे के सामने बेशर्मी की हदें पार कर दी जाती हैं।



