दर्दनाक त्रासदी: हाथ-पैर बांध 3 मासूमों को भाखड़ा नहर में फेंका, फिर दंपती ने लगाई छलांग, पूरे इलाके में मातम
पटियाला में दिल दहला देने वाली घटना, पारिवारिक कलह से परेशान दंपती ने उठाया खौफनाक कदम
पंजाब के पटियाला से इंसानियत को झकझोर देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है। मोहाली के लांडरां क्षेत्र के गांव मौजपुर निवासी एक दंपती ने कथित पारिवारिक कलह से तंग आकर अपने ही तीन मासूम बच्चों को भाखड़ा नहर में फेंक दिया और बाद में खुद भी नहर में कूद गए। इस हृदयविदारक घटना में तीनों बच्चों की मौत हो गई, जबकि पति-पत्नी को बचा लिया गया।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा दिखाई दे रहा है।
पहले रेलवे ट्रैक पर लेटे, फिर नहर में कूदने का बनाया प्लान
जानकारी के मुताबिक हरप्रभजोत सिंह (40), उसकी पत्नी जसविंदर कौर और उनके तीन बच्चे — एकमजोत सिंह (14), मुस्कान (12) और राजवीर कौर (8) — रविवार सुबह मोटरसाइकिल से सलेटा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि पूरा परिवार आत्महत्या के इरादे से ट्रेन के सामने लेट गया, लेकिन काफी देर तक ट्रेन नहीं आई।
इसके बाद दंपती ने भाखड़ा नहर में कूदने की योजना बनाई। राजपुरा के पास पुल पर बाइक खड़ी कर पहले तीनों बच्चों के हाथ-पैर चुनरी से बांधे गए और फिर उन्हें तेज बहाव वाली नहर में धक्का दे दिया गया। बाद में पति-पत्नी ने भी छलांग लगा दी।
तेज बहाव के बीच पिता हरप्रभजोत किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया, जबकि आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जसविंदर कौर को बचा लिया। हालांकि तीनों बच्चों को नहीं बचाया जा सका।
कूदने से पहले बनाया वीडियो, परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस के अनुसार दंपती ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले करीब सवा मिनट का वीडियो भी बनाया था। वीडियो में उन्होंने अपने परिजनों पर लगातार क्लेश और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए।
वीडियो में कहा गया कि घर में रोजाना झगड़े होते थे और वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे। पुलिस अब वीडियो की जांच कर रही है और मामले के हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
गोताखोरों ने निकाले बच्चों के शव
घटना की सूचना मिलते ही थाना गंडा खेड़ी पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। तेज बहाव के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं। बाद में तीनों बच्चों के शव नहर से बाहर निकाले गए।
सरकारी अस्पताल की डॉ. तरनजीत कौर ने तीनों बच्चों के शव अस्पताल लाए जाने की पुष्टि की है।
गोताखोर राजीव कुमार ने बताया कि टीम ने बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव बेहद तेज था।
गांव में पसरा मातम, मां का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद गांव मौजपुर में हर आंख नम है। बच्चों के दादा सरवण सिंह और दादी गुरमेल कौर गहरे सदमे में हैं।
70 वर्षीय सरवण सिंह ने टूटे शब्दों में कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा ऐसा कदम उठा लेगा। वहीं गुरमेल कौर बार-बार बिलखते हुए कह रही हैं —
“अगर मारना ही था तो हमें मार देते… मासूम बच्चों ने क्या बिगाड़ा था?”
परिजनों के अनुसार घर में लंबे समय से विवाद चल रहा था और बहू अक्सर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देती थी।
पुलिस हिरासत में दंपती, कई पहलुओं पर जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने हरप्रभजोत सिंह और जसविंदर कौर को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और किसी बाहरी दबाव या धमकी जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे पंजाब को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर लोग मासूम बच्चों की मौत पर गहरा दुख जता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



