उत्तर प्रदेश पुलिस को गुमराह कर रहे दबंग माफिया, उत्तराखंड में खून बहाकर यूपी में रची साज़िश; क्या ‘योगीराज’ में न्याय की जगह मिलेगी दबिश?
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर स्थित तुमड़िया डैम में मजदूरी करने गए अदलपुर (थाना डीलारी, ठाकुरद्वारा) के एक गरीब परिवार पर गाँव के ही दबंग माफियाओं ने जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। आरोप है कि दीन मोहम्मद, अली मुर्तजा, फुरकान हफीज और मुस्तफा (पुत्रगण शब्बीर हुसैन उर्फ नेता जी) ने पीड़ित भाईयों—नौशाद और अशरफ (पुत्रगण अख्तर अली)—की तरक्की से ईर्ष्या रखते हुए उन पर कातिलाना हमला बोल दिया। इस हमले में पीड़ितों के सिर फट गए, और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन साज़िश का असली खेल इसके बाद शुरू हुआ।
उत्तराखंड पुलिस की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए इन रसूखदार माफियाओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस की व्यवस्था को ही ढाल बना लिया। आरोपियों ने अपने क्षेत्र में लौटकर यूपी पुलिस को पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत सूचना दी, जिसका मकसद पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर खुद को बचाना और पीड़ित परिवार को और प्रताड़ित करना है। एक तरफ जहां पीड़ित परिवार जिंदगी और मौत से जूझ रहे अपने भाइयों को लेकर डॉक्टरों के दरवाजे की ठोकरें खा रहा है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ ये शातिर माफिया यूपी पुलिस पर दबाव बनाकर पीड़ितों के ही घर पर दबिश डलवा रहे हैं।
यह बेहद गंभीर और सोचने का विषय है कि उत्तर प्रदेश में जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘जीरो टॉलरेंस’ का राज है, वहां कुछ शातिर अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर तंत्र का ऐसा घिनौना मिसयूज कैसे कर पा रहे हैं? यूपी पुलिस को इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशीलता और बारीकी से जांचने की जरूरत है, ताकि कानून का इस्तेमाल अपराधियों को बचाने के लिए नहीं, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हो। वर्दी को गुमराह करने वाले इन रसूखदारों की साज़िश का पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है।


