देववंश और नवोदयन हॉस्पिटल में मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की खुली पोल, संयुक्त जांच टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की टीम ने की जांच, दो अस्पतालों पर जुर्माना
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : शहर के निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था को लेकर चल रही लापरवाही एक बार फिर जांच में उजागर हुई है। स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सोमवार को कई अस्पतालों का निरीक्षण किया, जिसमें मानकों के विपरीत मेडिकल वेस्ट प्रबंधन मिलने पर कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान टीम को बायोमेडिकल वेस्ट के साथ सामान्य कचरा मिश्रित मिला। इतना ही नहीं, अस्पतालों में निर्धारित मानकों के अनुरूप कलर कोड डस्टबिन तक नहीं पाए गए। जांच टीम को दूषित जल शोधन के लिए जरूरी एसटीपी व्यवस्था में भी खामियां मिलीं, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में देववंश अस्पताल और नवोदयन अस्पताल से जुर्माना वसूला गया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने और बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल वेस्ट के गलत निस्तारण से संक्रमण फैलने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अमित कुमार ने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण अस्पतालों की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, निरीक्षण के दौरान कुछ संस्थानों में मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं मिली, जिस पर आवश्यक कार्रवाई की गई है। अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि संक्रमण और पर्यावरणीय खतरे की स्थिति न बने।
संयुक्त जांच टीम में स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अमित कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से लक्ष्मी नारायण, ईशान शर्मा व सक्सेना सहित नगर निगम के महेंद्र प्रताप सिंह राठौर, पूर्णिमा सक्सेना और केके पटेल शामिल रहे।



