साजिद की लापरवाही ने ली पड़ोस की बेटी की जान, पूरा परिवार पहुंचा जेल
अजहर मलिक
: ऊधम सिंह नगर के जसपुर स्थित महुआखेड़ागंज में 22 वर्षीय युवती मेहविश की मौत के मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि घरों में रखे अवैध असलहे किस तरह हंसते-खेलते परिवारों की जिंदगी तबाह कर देते हैं। आरोपी साजिद द्वारा शौक या अन्य वजह से घर में रखा गया अवैध तमंचा न सिर्फ पड़ोसी की बेटी की मौत का कारण बना, बल्कि साजिद समेत उसकी दो बेटियों को भी सलाखों के पीछे ले गया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 बोर का अवैध तमंचा बरामद कर लिया है।
दरअसल, 10 सितंबर को महुआखेड़ागंज की रहने वाली 22 वर्षीय मेहविश अपने पड़ोसी साजिद के घर गई थी। साजिद ने एक अज्ञात व्यक्ति से 12 बोर का अवैध तमंचा खरीदकर घर में रखा हुआ था, जो पूरी तरह से लोडेड था। जब मेहविश की नजर उस असलहे पर पड़ी, तो उत्सुकता और नादानी में साजिद की छोटी बेटी और मेहविश के बीच तमंचे को लेकर छीनाझपटी शुरू हो गई। इसी दौरान गलती से ट्रिगर दब गया और तमंचे से निकली गोली मेहविश को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। अपनी लापरवाही को छिपाने के लिए आरोपियों ने कानून से बचने का प्रयास किया। उन्होंने फर्श पर पड़े खून के धब्बों को साफ किया और कपड़ों को छिपा दिया। इतना ही नहीं, शव को भी घटनास्थल से हटाकर मृतका के घर पहुंचा दिया गया, ताकि मामला संदिग्ध बन सके। लेकिन आईटीआई कोतवाली पुलिस और फील्ड यूनिट की फॉरेंसिक जांच के आगे उनकी चालाकी ज्यादा देर न टिक सकी। पुलिस ने 12 सितंबर को साजिद, उसकी बेटी सबीना और फिजा को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है। अवैध हथियार रखना न सिर्फ गैर-कानूनी है, बल्कि घर में लोडेड हथियार की मौजूदगी किसी भी वक्त एक बड़े हादसे को दावत दे सकती है। एक तरफ जहाँ 22 साल की मेहविश की असमय मौत से उसके परिवार का चिराग बुझ गया, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी साजिद की इस गंभीर लापरवाही ने उसकी अपनी दोनों बेटियों का भविष्य भी अंधकार में धकेल दिया। पुलिस अब उस सप्लायर की तलाश कर रही है जिसने साजिद को यह अवैध तमंचा बेचा था।



