डीएफओ पुनीत तोमर की पकड़ कमजोर या तस्करों के हौसले बुलंद? तराई पश्चिमी के जंगलों में बढ़ता तस्करी का सिण्डिकेट डी.एफ.ओ पुनित तोमर को सीदे चुनौती ?

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डीएफओ पुनीत तोमर की पकड़ कमजोर या तस्करों के हौसले बुलंद? तराई पश्चिमी के जंगलों में बढ़ता तस्करी का सिण्डिकेट डी.एफ.ओ पुनित तोमर को सीदे चुनौती ?

अज़हर मालिक / सलीम अहमद साहिल

 

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तराई पश्चिमी डिवीजन रामनगर के जंगलो मे अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रहा है एक के बाद एक उजागर होते तस्करी के मामलो ने तराई पश्चिमी डिवीजन रामनगर के डी.एफ.ओ पुनीत तोमर कि शाख पर बट्टा लगा दिया है जंगलो के अन्दर जिस तरह से खैर, सागवान के पेड़ो को काटा जा रहा है वो चिंता जनक है ओर इस बात का संकेत है कि बर्षा ख़त्म होते ही ज़ब जंगलो के रास्ते पूरी तरह से सूख जायेगे तो लकड़ी तस्कर जंगलो के अन्दर बड़ा तांडव मचा सकते है जबसे तराई पश्चिमी डिवीजन का चार्ज डी.एफ.ओ पुनीत तोमर ने सभाला है तब से आप ये नहीं कह सकते है कि डिवीजन मे सब चंगा है अब जनता मे भी चर्चा होने लगी है कि क्या डी.एफ.ओ पुनीत तोमर डिवीजन को सही तरीके से चलाने मे सक्षम हो सकते है या नहीं?

 

 

बरहाल भविष्य कि गर्त मे क्या छिपा है वो तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन लकड़ी तस्करी के जो मामले सामने आ रहे है वो भयभीत कर देने वाले है ताज़ा मामला दिनांक 16-09-2026 कि समय 12:15 am का बताया जा रहा है कि वन क्षेत्राधिकारी शेखर तिवारी के निर्देशानुसार आज दिनांक 16-09-2026 को रात्रि लगभग 12:15 बजे गश्त के दौरान इटावा–गजरौला मोटर मार्ग पर चार मोटरसाइकिलें आती हुई दिखाई दीं। गश्ती दल द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए तीन मोटरसाइकिलें मौके पर पकड़ ली गईं, जबकि एक मोटरसाइकिल सवार एक नग लकड़ी का गिल्टा छोड़कर मौके से फरार हो गया।

 

मौके से बरामद सागवान लकड़ी के 7 गिल्टे एवं तीन मोटरसाइकिलों को जब्त कर सुरक्षित रेंज कार्यालय लाकर रखा गया है। जप्त कि गौ सागवान कि लकड़ी कि कीमत लगभग 30000 ( तीस हजार) बताई जा रही है

 

तस्कर जंगल मे लकड़ी तस्करी कर पैसे कमाने के जो सपने लेकर निकले थे उनके सपनो पर रेंजर शेखर तिवारी कि टीम ने कानून का बुलडोजर चला कर तस्करो के सपनो को ध्वस्त कर दिया है जंगल के लकड़ी माफिया सागवान कि गिल्टो को बेचकर पैसे कमाने के जो सपने लेकर जंगल मे गुसे थे वो कानून के शिकंजे मे फस कर चूर चूर हो चुके है। लेकिन बड़ा सवाल आज भी बना हुआ है अभी तक जितने भी लकड़ी तस्करी के मामले उजागर हुए उसमे लकड़ी तस्करो को वन विभाग पकड़ने मे नाकाम क्यों नजर आ रहा है लकड़ी तस्कर जेल कि सलाखो के पीछे कब जायगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा

 

उक्त कार्रवाई में सम्मिलित अधिकारी ओर कर्मचारी

 

1. जगदीश चंद्र पांडेय, उपराजिक

2. अजमत खान, वन दरोगा

3. इमरान, वन दरोगा

4. विमल चौधरी, वन बीट अधिकारी

5.भगवत रावत, वन बीट अधिकारी

6. पंकज रावत, वन बीट अधिकारी

7. गुलसेर

8. रसपाल

9. प्रकाश व अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।

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