वोट से लेकर विरोध तक सवालों के घेरे में लोकतंत्र। दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी, रामनगर में रणजीत सिंह ने भरी हुंकार दिल्ली प्रदर्शन के लिए रामनगर कांग्रेस तैयार।

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वोट से लेकर विरोध तक सवालों के घेरे में लोकतंत्र। दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी, रामनगर में रणजीत सिंह ने भरी हुंकार दिल्ली प्रदर्शन के लिए रामनगर कांग्रेस तैयार।

              सलीम अहमद साहिल 

 

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रामनगर। वोट जनता की ताकत है और लोकतंत्र की बुनियाद भी। लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवालों ने अब सियासी संघर्ष तेज कर दिया है। इसी मुद्दे पर राहुल गांधी के आह्वान पर प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन को लेकर रामनगर कांग्रेस ने कमर कस ली है। पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर दिल्ली कूच की रणनीति तैयार की।

 

रणजीत सिंह रावत ने मतदाता सूची की प्रक्रिया और प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट और अपनी आवाज उठाने का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है। रणजीत सिंह रावत ने SIR की प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम कटने को लेकर भी कई गम्भीर सवाल उठाये है वोट काटने को लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर चोट बताया है । वहीं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने की कार्रवाई भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जन-आवाज के अधिकार पर बहस खड़ी करती है।

 

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच सरकारी तंत्र के द्वारा कई ट्रेनों और मेट्रो स्टेशनो को बंद कर और रास्तो बेरीकेटिंग कर दी है उससे यातायात प्रभावित होने की आशंका भी अहम है। ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं में व्यवधान का असर यात्रियों से लेकर व्यापार, शिक्षा, सरकारी कामकाज और बैंकिंग तक पहुंच सकता है। दिल्ली से उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होने पर रामनगर, नैनीताल और कॉर्बेट क्षेत्र के पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ने की आशंका रहेगी।

 

 

SIR के मुद्दे पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के प्रस्तावित प्रदर्शन से दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर सड़कों को अवरुद्ध करने और कुछ रेलवे व मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों की खबरों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि कानून-व्यवस्था के नाम पर प्रदर्शनकारियों की आवाजाही सीमित करने का असर आम नागरिकों पर कितना पड़ेगा? जब सड़कों पर अवरोध और सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियां लगती हैं, तो उसकी कीमत नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और जरूरी काम से निकले यात्रियों को भी चुकानी पड़ सकती है।

 

लोकतंत्र में विरोध की आवाज सुनना जरूरी है, लेकिन उस आवाज को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की पारदर्शिता और उनके औचित्य की पड़ताल भी उतनी ही जरूरी है। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर लगाए गए प्रतिबंध कितने आवश्यक, कितने व्यापक और कितनी देर तक प्रभावी रहेंगे यह जवाबदेही का विषय है। आखिर सवाल सिर्फ प्रदर्शनकारियों का नहीं, बल्कि आम जनता की आवाजाही और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन का भी है।

 

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष रामनगर देशबंधु रावत, ब्लॉक अध्यक्ष मालधन ओम प्रकाश, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामनगर ऊषा जोशी, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मालधन पुष्पा देवी, जिला उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल खुलासा, भुवन पाण्डेय, ममता आर्या, एड. दीप्ति भारद्वाज, लीलाधर जोशी, गिरधारी लाल, भोपाल राम, मो. इकराम, राजेंद्र बिष्ट, बबलू सैनी, महेंद्र मनराल, सनब्बर अली, धीरज सती, एड. विक्रम भट्ट, नजाकत अली, पंकज सुयाल, हरदीप सिंह दिप्पा, मुंब्बर हुसैन, मो. रिजवान, मो. इकबाल, चाँद खान, वीरेंद्र लटवाल, महेश पाण्डेय, कमल नेगी, अपूर्व शाह, मो. दानिश, कैलाश त्रिपाठी, ललित आर्या, गुरदीप सिंह, मो. सोएब, महेंद्र सिंह रावत, आफाक हुसैन, गोपाल दत्त नैनवाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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