उत्तराखण्ड पुलिस को मिली नई पहचान: भव्य समारोह में नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण
उत्तराखण्ड पुलिस के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। शासकीय आवास पर आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान पुलिस बल की नई पहचान—नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का भव्य अनावरण किया गया। इस परिवर्तन का उद्देश्य केवल प्रतीकों को बदलना नहीं है, बल्कि उत्तराखण्ड पुलिस की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को एक नई ऊर्जा प्रदान करना है। पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ उन शाश्वत मूल्यों का प्रतीक है, जो एक आदर्श और आधुनिक पुलिस व्यवस्था की मूल आधारशिला हैं। इसी अवसर पर ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया, जहां उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों और पुलिस कर्मियों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं और समर्पण का सम्मान करते हुए, उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रोन्नत हुईं शाहजहां जावेद खान और जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न से अलंकृत किया गया। इस गरिमामयी पल में उन्हें पदोन्नति की हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। यह क्षण न केवल पदोन्नत अधिकारियों के लिए गर्व का विषय था, बल्कि संपूर्ण पुलिस बल के मनोबल को ऊंचाइयां देने वाला साबित हुआ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर बल देते हुए यह स्पष्ट किया गया कि दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखण्ड पुलिस को अत्याधुनिक तकनीक, उत्कृष्ट प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता उत्तराखण्ड पुलिस को एक अधिक दक्ष, सक्षम, संवेदनशील और जवाबदेह बल के रूप में स्थापित करना है, जो हर परिस्थिति में जनता की सुरक्षा और न्याय के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे।