कोसी नदी और जन-अधिकारों की रक्षा में चट्टान की तरह डटे रणजीत रावत: 10 टायरा ट्रकों के अवैध संचालन के खिलाफ रामनगर में विशाल हुंकार
सलीम अहमद साहिल
रामनगर क्षेत्र की जीवनदायिनी कोसी नदी के अस्तित्व, प्राकृतिक पर्यावरण और स्थानीय कारोबारियों की आजीविका पर मंडरा रहे गंभीर संकट के खिलाफ पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणजीत सिंह रावत एक बार फिर जनता की सबसे मजबूत और निडर आवाज बनकर सामने आए हैं। कोसी नदी के विभिन्न खनन गेटों पर नियम-विरुद्ध तरीके से बेधड़क चलाए जा रहे 10 टायरा भारी ट्रकों के विरोध में रणजीत रावत के कुशल और साहसी नेतृत्व में सैकड़ों स्थानीय ट्रांसपोर्टरों, खनन कारोबारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रभागीय वनाधिकारी (DFO), तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर के कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
जनहित और स्थानीय अधिकारों के प्रति सदैव कटिबद्ध रहने वाले पूर्व विधायक रणजीत रावत ने प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि प्रचलित खनन नीति में 10 टायरा ट्रकों से खनन सामग्री का अभिवहन पूरी तरह गैर-कानूनी और अवैधानिक है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि स्थानीय कारोबारियों के भारी विरोध के बाद पूर्व में वन विभाग और खनन व्यवसायियों की एक संयुक्त बैठक में इन भारी वाहनों को नदी के गेटों पर पूरी तरह प्रतिबंधित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद तराई पश्चिमी वन प्रभाग के खनन गेटों पर बेधड़क 10 टायरा ट्रकों की आवाजाही जारी रहना प्रशासनिक ढिलाई और नियमों की खुली अनदेखी को दर्शाता है।
रणजीत रावत केवल स्थानीय आजीविका ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन को लेकर भी बेहद संवेदनशील और दूरदर्शी दृष्टिकोण रखते हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि कोसी नदी पर लगातार बढ़ रहा खनन का दबाव और भारी ट्रकों का आवागमन नदी के प्राकृतिक अस्तित्व, तटों और आसपास के समूचे जल तंत्र को भारी नुकसान पहुँचा रहा है। ग्रामीण इलाकों में प्राकृतिक जलस्रोतों का लगातार सूखना और भूजल स्तर का गिरना एक भयावह भविष्य की ओर इशारा कर रहा है। यदि इन भारी ट्रकों के संचालन पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में कोसी नदी का प्राकृतिक स्वरूप नष्ट हो जाएगा और पूरा क्षेत्र भीषण जल संकट की चपेट में आ जाएगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार को बचाने में हमेशा अग्रणी रहने वाले रणजीत रावत ने जोर देकर कहा कि 10 टायरा बड़े ट्रकों के आने से स्थानीय स्तर पर काम करने वाले छोटे ट्रांसपोर्टरों और डंपर चालकों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बाहरी और बड़े वाहनों के वर्चस्व के कारण स्थानीय युवाओं के हाथ से काम छिन रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने वन विभाग को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि पर्यावरण, कोसी नदी और स्थानीय लोगों के रोजगार के हित में 10 टायरा ट्रकों का संचालन तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी जनता को साथ लेकर और अधिक उग्र आंदोलन करेगी।
रणजीत रावत के इस न्यायसंगत, निडर और जन-समर्पित नेतृत्व को रामनगर की जनता और ट्रांसपोर्टरों का अपार समर्थन मिला। इस दौरान रामनगर ब्लॉक अध्यक्ष देशबंधु रावत, नगर अध्यक्ष भुवन शर्मा, मालधन ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश, महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष ललित उपाध्याय, रामनगर महिला ब्लॉक अध्यक्ष उषा जोशी, मालधन महिला ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पा देवी, जिला उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल खुलासा, वरिष्ठ नेता भुवन पांडे, सभासद एडवोकेट विक्रम भट्ट, सभासद मोहम्मद अजमल, ममता आर्या सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय जन-प्रतिनिधि, व्यापारी और कार्यकर्ता रणजीत रावत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए। यह प्रदर्शन साबित करता है कि जब भी रामनगर के पर्यावरण और स्थानीय युवाओं के अधिकारों की बात आएगी, पूर्व विधायक रणजीत रावत एक सच्चे जननेता की तरह सबसे आगे खड़े मिलेंगे।



