आमपोखरा रेंज में आधी रात को सर्जिकल एक्शन , खैर कि कीमती लड़की का तस्कर गिरफ्तार 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी।

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आमपोखरा रेंज में आधी रात को सर्जिकल एक्शन , खैर कि कीमती लड़की का तस्कर गिरफ्तार 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी।

         अजहर मालिक / सलीम अहमद साहिल 

 

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जिन्हें लगता था कि नए अधिकारियों की आमद से व्यवस्था सुस्त पड़ जाएगी या नए इलाके का गणित समझने में वक्त लगेगा, उनके मुगालते अब पूरी तरह काफूर हो चुके हैं। कहते हैं कि बड़ा अफसर जब रणनीति बनाता है तो उसका असर दूर तक दिखता है; कुछ ऐसा ही नजारा तराई पश्चिमी डिवीजन रामनग कि आमपोखरा रेंज में देखने को मिला है। तराई पश्चिमी डिवीजन रामनगर डीएफओ पुनित तोमर के दूरदर्शी मार्गदर्शन और कड़े निर्देशों के बूते वन विभाग के तंत्र में जो चुस्ती आई है, उसने लकड़ी तस्करों के होश फाख्ता कर दिए हैं। रेंजर पूरन सिंह खानायत की कुशल और बेखौफ अगुवाई में वन कर्मियों ने आधी रात को वो सर्जिकल एक्शन किया , जिसने साफ संदेश दे दिया है कि तस्कर चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, वन विभाग की पैनी नजरों से उनका बचना नामुमकिन है।

 

 

मामला बुधवार तड़के करीब 4:10 बजे का है, जब आमपोखरा क्षेत्राधिकारी पूरन सिंह खानायत और उनकी मुस्तैद गश्त टीम उत्तरी आमपोखरा बीट के प्लाट संख्या 31 में रूटीन नाइट पेट्रोलिंग पर थी। लोक निर्माण विभाग रोड के किनारे आरक्षित वन क्षेत्र में सन्नाटे का फायदा उठाकर खैर के कीमती वृक्षों का अवैध पातन कर रहे तस्करों को टीम ने चारों तरफ से घेर लिया। मौके से बरेली निवासी इश्तियाक (43 वर्ष) को अवैध खैर की लकड़ी से लदे पिकअप वाहन (UP-15-GT-9252) के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया। रेंजर और उनकी टीम के इस त्वरित और साहसिक एक्शन ने तस्करों के पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।

पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ आमपोखरा रेंज कार्यशाला रामनगर में रेंज अपराध संख्या 11/आम0/2026-27 दर्ज करते हुए उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद आरोपी को रामनगर की माननीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से विद्वान न्यायाधीश के आदेशानुसार उसे 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर हल्द्वानी जेल भेज दिया गया है। इस पूरी सफल कार्रवाई में रेंजर पूरन सिंह खनायत आपपोखरा रेंज वन सुरक्षा बल के रेंजर मधुरा सिंह मेवाड़ी के साथ वन दरोगा विपिन चन्द्र पलडिया, विपिन चन्द्र जोशी, बलकार सिंह, विक्रान्त कुमार, होमेश्वर सिंह, मयंक बेलवाल, अजय जोन, मनमोहन, कमल मेवाड़ी, सुन्दर सिंह बिष्ट और वन सुरक्षा बल की अहम भूमिका रही। अधिकारियों की इस सख्त कार्यशैली ने जता दिया है कि रामनगर के जंगलों में अब परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

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