SIR के नाम पर वोट काटने का आरोप, रामनगर में गरजा कांग्रेस का विरोध — ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुतला दहन
सलीम अहमद साहिल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में जारी सियासी घमासान अब रामनगर तक पहुंच गया है। कांग्रेस का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अधिकार— मतदान के अधिकार —पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर रविवार को रामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत और नैनीताल कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन कर तत्काल पद से हटाने के साथ गिरफ्तारी की मांग उठाई।
प्रदर्शन की शुरुआत नगर पालिका परिषद परिसर से हुई, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में लखनपुर चौक पहुंचे। यहां राष्ट्रगान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले का दहन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची से बाहर हो जाएं, तो सवाल सिर्फ एक नाम के कटने का नहीं, बल्कि उस नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार के प्रभावित होने का है।
पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से करोड़ों लोगों के वोट काटे गए हैं। उन्होंने इसे संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से बर्खास्त कर गिरफ्तार किए जाने की मांग की।
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हट जाता है और वह अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाता, तो यह महज प्रशासनिक प्रक्रिया का मामला नहीं रह जाता, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा गंभीर सवाल बन जाता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए साफ किया कि SIR का विरोध महज राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता, पात्र मतदाताओं के नाम की सुरक्षा और प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
पुतला दहन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार रामनगर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई।
रामनगर का यह प्रदर्शन अब उस बड़े सवाल का हिस्सा बन गया है कि SIR के जरिए मतदाता सूची को शुद्ध करने की प्रक्रिया वास्तव में लोकतंत्र को मजबूत कर रही है या फिर पात्र मतदाताओं के नाम हटने के आरोपों के बीच खुद चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष रामनगर देशबंधु रावत, नगर अध्यक्ष भुवन शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष मालधन ओम प्रकाश, महिला कांग्रेस नगर अध्यक्ष ललिता उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल खुलासा, भुवन पाण्डेय, हेमवती नंदन दुर्गापाल, नीरज तिवारी, शोभा बिष्ट, कैलाश रेखाड़ी, ओम प्रकाश राय, विकास कुमार, सूरज रावत, मो. यूसुफ, बाबर खान सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



