नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी, 4 महीने की निकली गर्भवती, आरोपी बाल सुधार गृह भेजा गया
चंपावत जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और समाज को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। एक बेबस और असहाय मां जब अपनी नाबालिग बच्ची के गायब होने की आस लेकर थाने पहुंची थी, तो उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसकी मासूम बेटी के साथ किस कदर हैवानियत का खेल खेला जा चुका है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मुकदमा दर्ज किया और टीमों को क्षेत्र में रवाना कर नाबालिग बच्ची को बरामद कर लिया। लेकिन जब बच्ची की बरामदगी के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया, तो जो सच्चाई सामने आई उसने हर किसी की आत्मा को कंपा दिया। मेडिकल रिपोर्ट में यह दर्दनाक खुलासा हुआ कि मासूम बच्ची 4 महीने की गर्भवती है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में कॉपियां और सपने होने चाहिए, उस उम्र में दरिंदगी के इस खौफनाक रूप ने एक मासूम के बचपन को हमेशा के लिए कुचल कर रख दिया।
यह घटना समाज के मुंह पर एक करारा तमाचा है और उन दरिंदों की घटिया, विकृत और नीच मानसिकता को बेनकाब करती है जो अपनी हैवानी हवस के लिए किसी मासूम की जिंदगी तबाह करने से भी बाज नहीं आते। ऐसे समाजविरोधी कीट और दरिंदे मानवता के नाम पर कलंक हैं, जो समाज में खुले घूमकर मासूमों की जिंदगियों को नरक बनाते हैं और हर संवेदनशील नागरिक को शर्मिंदगी के गर्त में धकेल देते हैं। मामले की जांच के दौरान इस घिनौनी करतूत में शामिल एक विधि-विवादित किशोर का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया है और बाल सुधार गृह हरिद्वार भेज दिया है। पुलिस प्रशासन भले ही अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा हो, लेकिन यह दर्दनाक वाकया समाज के लिए एक गहरा जख्म छोड़ गया है, जो चीख-चीखकर सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब तक मासूम बच्चियां ऐसे घटिया और नीच लोगों की हवस का शिकार बनती रहेंगी।


