तराई पश्चिमी डिवीजन में महा-विस्फोट: CM पुष्कर सिंह धामी के ‘चाबुक’ and DFO प्रकाश चंद्र आर्य की ‘गजब घेराबंदी’ से काँपा खनन माफिया! टूट गए कमाई के सारे रिकॉर्ड, खजाने में बरसे करोड़ों!
रामनगर (दिनांक: 19 जून 2026): तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के अन्तर्गत कोसी नदी में संचालित 05 खनन निकासी गेटों एवं दाबका नदी में संचालित 01 खनन निकासी गेट पर माह अक्टूबर 2025 से 19 जून 2026 तक उत्तराखण्ड वन विकास निगम द्वारा उपखनिज निकासी का कार्य संचालित किया गया। इस सम्पूर्ण अवधि में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े विजन को धरातल पर उतारते हुए DFO प्रकाश चंद्र आर्य के नेतृत्व में वन विभाग द्वारा खनन गतिविधियों की सतत, प्रभावी एवं बहुस्तरीय निगरानी सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूप खनन कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हुआ तथा विगत खनन सत्र की तुलना में इस वर्ष राजस्व प्राप्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
⚡ DFO प्रकाश चंद्र आर्य का ‘क्रैकडाउन’ एक्शन प्लान:
इस पूरे खनन सत्र के दौरान वन विभाग द्वारा नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण, रात्रिकालीन सघन चेकिंग, निकासी गेटों पर अभिलेखों का सत्यापन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की व्यवस्था लागू की गई। DFO प्रकाश चंद्र आर्य के कुशल निर्देशन में वन विभाग द्वारा खनन क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया गया कि केवल वैध प्रपत्रों एवं अनुमन्य सीमा के अन्तर्गत ही उपखनिज का परिवहन किया जाए। वन विभाग द्वारा अवैध खनन, अवैध परिवहन, निर्धारित क्षेत्र से बाहर खनन गतिविधियों के विरुद्ध निरन्तर अभियान चलाया गया। इस दौरान अनेक मामलों में वाहनों को सीज कर वैधानिक कार्यवाही की गई तथा अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की गई। इन प्रभावी कार्यवाहियों के फलस्वरूप राजस्व हानि को रोकने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई, जिसके परिणामस्वरूप राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
📱 मोबाइल स्पेशल सरकारी आंकड़े (ऊंचाई में): देखिए महा-कमाई का पूरा रिकॉर्ड!
मोबाइल पर आसानी से पढ़ने के लिए आंकड़ों को नीचे पूरी तरह से लंबाई की जगह ऊंचाई (वर्टिकल कार्ड्स) में सेट कर दिया गया है ताकि कोई भी नंबर स्क्रीन से बाहर न कटे:
📈 आंकड़ों का पूरा पोस्टमार्टम:
- कुल राजस्व सीधे डबल से भी पार: पिछले साल 2024-25 में जहां कुल प्राप्त राजस्व ₹ 4,54,54,858.20 था, वहीं इस साल धामी सरकार और वन विभाग की मुस्तैदी से यह आंकड़ा सीधे ₹ 9,79,19,791.20 (लगभग 9.79 करोड़ रुपये) पहुंच गया है!
- कोसी नदी से हुई महा-वसूली: कोसी नदी से पिछले साल के 4,40,592.22 घ.मी. के मुकाबले इस साल रिकॉर्ड 9,59,626.14 घ.मी. उपखनिज की वैध निकासी हुई, जिससे ₹ 8,63,66,352.60 का बंपर राजस्व प्राप्त हुआ।
- दाबका नदी में भी रिकॉर्ड तोड़ काम: दाबका नदी से भी पिछले साल के 64,461.76 घ.मी. के मुकाबले इस साल 1,28,371.54 घ.मी. उपखनिज निकाला गया, जिससे खजाने में ₹ 1,15,53,438.60 जमा हुए।
- कुल उपखनिज की मात्रा में भारी उछाल: पिछले सत्र में जहाँ कुल उपखनिज की मात्रा 5,05,053.98 घ.मी. थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 10,87,997.68 घ.मी. दर्ज की गई है।
🛡️ माफिया राज पूरी तरह ध्वस्त, अब सिर्फ कानून का राज!
साफ है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन और तराई पश्चिमी वन प्रभाग के DFO प्रकाश चंद्र आर्य की जांबाजी के कारण इस साल अवैध खनन, अवैध परिवहन और निर्धारित क्षेत्र से बाहर पैर पसारने वाले माफियाओं की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई है। यह ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ राजस्व वृद्धि इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि उत्तराखंड में अब भ्रष्टाचारियों और लुटेरों की दाल नहीं गलने वाली, यहाँ सिर्फ और सिर्फ कानून का राज चलेगा।
– ब्यूरो रिपोर्ट, ‘द ग्रेट न्यूज़’




