खैर की बेसुमार कीमती लकड़ी की तस्करी कर रातों रात अमीर बनने के सपने देख रहे वन माफियाओ के सुनहरे सपनो को डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य और एस.डी.ओ किरण शाह के कानूनी बुलडोजर ने ध्वस्त कर दिया है

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खैर की बेसुमार कीमती लकड़ी की तस्करी कर रातों रात अमीर बनने के सपने देख रहे वन माफियाओ के सुनहरे सपनो को डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य और एस.डी.ओ किरण शाह के कानूनी बुलडोजर ने ध्वस्त कर दिया है।

                 सलीम अहमद साहिल

 

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रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर लकड़ी तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। खैर की बेशकीमती लकड़ी की तस्करी कर रातोंरात अमीर बनने के सपने देख रहे वन माफियाओं को वन विभाग ने ऐसा झटका दिया कि उनकी पूरी खेप कानून के शिकंजे में फंस गई, जबकि तस्कर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।

 

प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद आर्य, और उप प्रभागीय वनाधिकारी किरण शाह, द्वारा अवैध पातन एवं अभिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत 18 जून 2026 को वन विभाग को एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर ने बताया कि केशोवाला क्षेत्र से खैर के अवैध प्रकाष्ठ से भरा एक संदिग्ध वाहन सुल्तानपुर पट्टी की ओर बढ़ रहा है।

 

सूचना मिलते ही बन्नाखेड़ा के उप वन क्षेत्राधिकारी दीवान सिंह रौतेला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर तत्काल घेराबंदी शुरू कर दी गई। संभावित रूटों पर नजर रखते हुए काशीपुर रेंज के कर्मचारियों को भी अलर्ट कर दिया गया। लगभग 11:45 बजे फौजी कॉलोनी बाजपुर की ओर जाती एक संदिग्ध पिकअप वाहन टीम की नजर में आई। वन विभाग की टीम को पीछे आता देख चालक के हाथ-पांव फूल गए और वह वाहन को फौजी कॉलोनी स्थित एक अज्ञात मकान के पास खेत में छोड़कर फरार हो गया।

 

जब वन विभाग ने वाहन की तलाशी ली तो नीले रंग के तिरपाल के नीचे छिपाकर रखे गए खैर के 81 नग प्रकाष्ठ,बरामद हुए। बरामद लकड़ी का वजन करीब 50 कुंतल आंका गया है, जिसकी बाजार में भारी कीमत बताई जा रही है। वन विभाग ने मौके पर ही वाहन और लकड़ी को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचा दिया तथा आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

वन माफिया जिस बेशकीमती खैर की लकड़ी के सहारे अवैध कमाई का साम्राज्य खड़ा करने का सपना देख रहे थे, उस सपने पर वन विभाग ने कानून का ऐसा बुलडोजर चलाया कि उनके सारे अरमान धरे के धरे रह गए। यह कार्रवाई साफ संदेश है कि जंगलों की संपदा पर डाका डालने वालों के लिए अब तराई पश्चिमी वन प्रभाग में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। वन विभाग की इस बड़ी कार्यवाही से लकड़ी तस्करो मे हड़कंप मचा हुआ है। इस पुरे प्रकरण मे फरार चल रहे लड़की तस्करो की तलाश जारी है जल्द ही लकड़ी तस्कर वन विभाग के शिकंजे मे देखने को मिल सकते है।

 

इस सफल अभियान में उप वन क्षेत्राधिकारी दीवान सिंह रौतेला, वन दरोगा,सुरेश चंद्र तिवाड़ी वन आरक्षी, एवं कार्यालय प्रभारी मोनू, वन आरक्षी सौरभ तथा कार्यालय सहायक युवराज सहित सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े वन अपराध का पर्दाफाश करते हुए तस्करों के हौसलों को करारा झटका दिया है।

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