अंधी रफ्तार पर रोशनी का पहरा जब काशीपुर की सड़कों को मिला एक अनदेखा ‘सुरक्षा कवच’
अज़हर मलिक
सड़क पर दौड़ती गाड़ियों की रफ्तार जितनी मायने रखती है, उससे कहीं ज़्यादा अहम होती है स्टीयरिंग थामे हाथों और स्टीयरिंग के पीछे चमकती आंखों की सतर्कता। कभी-कभी एक पल का धुंधलापन या अनदेखा मोड़ ज़िंदगी भर का अंधेरा बनकर सामने आ जाता है। इसी अप्रत्याशित जोखिम को मात देने और सड़क हादसों पर लगाम कसने के इरादे से काशीपुर की सड़कों पर एक अनूठी सुरक्षा पहल की नींव रखी गई।
यातायात व्यवस्था को सिर्फ नियमों के कागज़ी पन्नों तक सीमित न रखते हुए, परिवहन विभाग ने एआरटीओ कार्यालय काशीपुर में वाहन चालकों और आम जनता के लिए एक विशेष निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया। एआरटीओ प्रवर्तन संदीप वर्मा के निर्देशन में सजे इस मंच पर ऋषिकेश के निर्मल आई इंस्टीट्यूट से पहुंचे नेत्र विशेषज्ञों—वसीम अहमद, मनोज और सुखबीर की टीम ने दिनभर अपनी सेवाएं दीं।
इस दौरान करीब 150 चालकों और स्थानीय निवासियों की आंखों का गहन परीक्षण किया गया। जांच में जिन लोगों की नज़र कमज़ोर या दृष्टि संबंधी समस्याएं सामने आईं, उन्हें मौके पर ही मुफ़्त चश्मे देकर सड़क पर सुरक्षित सफर का भरोसा दिया गया। लंबी दूरी और व्यावसायिक वाहन चलाने वाले चालकों ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी सेहत के प्रति सजगता दिखाई।
इस जनहितकारी प्रयास के मायने समझाते हुए संदीप वर्मा ने स्पष्ट किया कि चालक की आंखें केवल उसके अपने जीवन का ही नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य दर्जनों लोगों की सुरक्षा का भी असली माध्यम हैं। खास तौर पर दिन-रात सड़कों पर डटे रहने वाले व्यावसायिक चालकों के लिए समय-समय पर दृष्टि परीक्षण कराना अनिवार्य है, क्योंकि नज़र में ज़रा सी चूक एक बड़े हादसे की वजह बन सकती है। उन्होंने प्रतिबद्धता दोहराई कि सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता की यह मुहिम यहीं थमने वाली नहीं है और आने वाले दिनों में भी ऐसे कई कदम उठाए जाएंगे।
आयोजन की प्रशासनिक डोर को मुस्तैदी से संभालने में परिवहन कर अधिकारी नन्दन आर्य, जगदीश चंद्रा, अनिल कुमार, सचिन कुमार, जयंत वशिष्ठ और प्रवर्तन कार्मिक अरविंद सिंह, निशा राणा, सोनिया, कैलाश चन्द्र एवं गजेंद्र का विशेष सहयोग रहा। निःशुल्क जांच और चश्मे पाकर मुस्कुराते चालकों ने इस पहल की दिल से सराहना की। सुरक्षा और जनसेवा के इस अनोखे तालमेल को काशीपुर में सुरक्षित यातायात व्यवस्था की दिशा में एक बेहद असरदार कदम माना जा रहा है।




