राजधानी में बेखौफ बदमाश: दून अस्पताल की इमरजेंसी में धारदार हथियार लेकर घुसे उपद्रवी, डॉक्टरों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

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राजधानी में बेखौफ बदमाश: दून अस्पताल की इमरजेंसी में धारदार हथियार लेकर घुसे उपद्रवी, डॉक्टरों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की बदहाल कानून-व्यवस्था और लचर सुरक्षा व्यवस्था की एक बेहद खौफनाक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। शहर के सबसे बड़े और प्रमुख दून अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब सुबह करीब 4:50 बजे बेखौफ उपद्रवियों का एक गुट हाथों में खुलेआम धारदार हथियार लहराते हुए अस्पताल परिसर में दाखिल हो गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल के बाहर हुए किसी आपसी विवाद के बाद एक पक्ष दूसरे पक्ष के लोगों की जान लेने की नीयत से सीधे इमरजेंसी वार्ड तक जा पहुंचा। मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के सामने जब बदमाशों ने लहराते हुए चापड़ और धारदार हथियार चमकाए, तो पूरे अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। इस जानलेवा घटना ने न केवल दून अस्पताल बल्कि पूरी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

इस सनसनीखेज वारदात के दौरान न सिर्फ मरीजों और परिजनों की जान आफत में रही, बल्कि ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों के साथ भी जमकर अभद्रता और बदतमीजी की गई। सबसे ज्यादा हैरान और शर्मसार करने वाली बात यह रही कि करोड़ों के बजट से चलने वाले अस्पताल के निजी सुरक्षाकर्मी इस पूरी वारदात के दौरान मूकदर्शक बने रहे और अपनी ही जान बचाने की दुहाई देते नजर आए। वहीं, कानून-व्यवस्था का ढिंढोरा पीटने वाली पुलिस की मुस्तैदी का आलम यह था कि अस्पताल परिसर के भीतर ही पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद वहां एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। इमरजेंसी से डॉक्टरों द्वारा बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद पुलिस पूरे 45 मिनट की देरी से मौके पर पहुंची। तब तक उपद्रवी सरेआम तांडव मचाकर डॉक्टरों और स्टाफ की सुरक्षा को ताक पर रखकर आसानी से रफूचक्कर हो चुके थे।

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यह बेहद गंभीर और विचारणीय विषय है कि यदि राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में ही डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और लाचार मरीज महफूज नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? अस्पताल जैसी संवेदनशील और जीवनदायिनी जगह पर हाथ में चापड़ लेकर बदमाशों का बेखौफ घूमना और पुलिस का पौने घंटे बाद पहुंचना सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन की सुस्ती और नाकाम कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करता है। इस पूरी घटना के बाद दून अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ में भारी खौफ के साथ-साथ पुलिस-प्रशासन के रवैये को लेकर गहरा आक्रोश है। डॉक्टरों ने अपनी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर करते हुए शासन-प्रशासन से अस्पताल में कड़े सुरक्षा इंतजाम करने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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