बरेली में भाजपा को बड़ा झटका, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने दिया इस्तीफा, 2024 के लोकसभा चुनाव में भीतरघात करने वालों को तरजीह देने का लगाया आरोप, पिछड़े और अति पिछड़े समाज को सम्मान नहीं मिलने से आहत होने की कही बात
शानू कुमार ब्यूरो उत्तर प्रदेश
बरेली : उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बरेली में सियासी हलचल तेज हो गई है। आंवला लोकसभा सीट से दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके त्यागपत्र में पार्टी संगठन के प्रति नाराजगी साफ नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में भीतरघात करने और लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि पिछड़े और अति पिछड़े समाज को अपेक्षित सम्मान और स्थान नहीं मिल रहा है।
त्यागपत्र में संगठन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
धर्मेंद्र कश्यप ने अपने फेसबुक अकाउंट पर त्यागपत्र साझा करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को संबोधित किया है। उन्होंने लिखा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ वोटिंग करने और पार्टी को कमजोर करने वाले नेताओं को संगठन में आगे स्थान दिया गया। इससे वह आहत हैं और भाजपा की प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यता से त्यागपत्र दे रहे हैं।
उन्होंने अपने पत्र में पिछड़े और अति पिछड़े समाज को पार्टी में उचित स्थान और सम्मान नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया है। उनके इस फैसले को बरेली और रुहेलखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
‘टाटा-बाय-बाय’ पोस्ट से शुरू हुई थी चर्चा
धर्मेंद्र कश्यप के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं उस समय तेज हुई थीं, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘टाटा-बाय-बाय’ लिखकर पोस्ट साझा की थी। इसके बाद उनके भाजपा छोड़ने और दूसरे राजनीतिक दल में जाने की अटकलें लगने लगी थीं।
2014 और 2019 में बने थे आंवला से सांसद
धर्मेंद्र कश्यप वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर आंवला सीट से जीतकर संसद पहुंचे थे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नीरज मौर्य से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले वह बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से भी विधायक रह चुके हैं।
*अब अगले राजनीतिक कदम पर टिकी निगाहें*
भाजपा से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र कश्यप के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, लेकिन उनके अगले कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। उनके समर्थकों के बीच होने वाली बैठक और उसके बाद लिए जाने वाले फैसले पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
फिलहाल धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे से बरेली की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। अब देखना होगा कि उनका अगला कदम क्या होता है और इसका रुहेलखंड के राजनीतिक समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।



